Delhi Pollution: दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर, AQI 300 के पार; अगले तीन दिनों तक सुधार के आसार नहीं
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़कर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। शाम को एयर इंडेक्स 300 के पार हो गया। सीपीसीबी के अनुसार मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली में सोमवार से बुधवार तक तीन दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है। इससे ठंड के साथ वायु प्रदूषण भी लोगों को परेशान करेगा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एनसीआर में रविवार को स्माग व हवा की गति बेहद कम होने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। इस वजह दिल्ली सहित एनसीआर में ज्यादातर प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। शाम होते-होते दिल्ली में एयर इंडेक्स 300 के पार बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली में सोमवार से बुधवार तक तीन दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है। इससे ठंड के साथ वायु प्रदूषण भी लोगों को परेशान करेगा।
दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 294 रहा
सीपीसीबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 294 रहा जो खराब श्रेणी में उच्च स्तर पर है। एक दिन पहले शनिवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स मध्यम श्रेणी में 193 था। इसके मुकाबले औसत एयर इंडेक्स में 101 अंकों की बढ़ोतरी हुई।
इस माह अब तक आठ दिन हवा की गुणवत्ता खराब
इसका कारण यह है कि सुबह साढ़े पांच बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच हवा की गति महज चार से आठ किलोमीटर के बीच रही। शाम को हवा की गति और ज्यादा कम हो गई। इस वजह से शाम छह बजे एयर इंडेक्स 303 पहुंच गया। इससे शाम को हवा की गुणवत्ता बेहद श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली में इस माह अब तक आठ दिन हवा की गुणवत्ता खराब, एक दिन बेहद खराब और छह दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही है।
रविवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 228
वहीं स्विस कंपनी के एप आइक्यूएयर ने रविवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 228 बताया, जो सीपीसीबी द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार खराब श्रेणी में माना ताजा है। सीपीसीबी के अनुसार शाम छह बजे दिल्ली के 35 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 25 जगहों पर एयर इंडेक्स 300 से ज्यादा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया था। इस वजह से वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 219.3 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर जो सामान्य मानक से दोगुना से ज्यादा है। पीएम-2.5 का स्तर 120.6 माइक्रग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया, जो सामान्य मानक से दोगुना है।
दिल्ली में वाहनों के उत्सर्जन की भागीदारी सबसे अधिक 18 प्रतिशत
आइआइटीएम पुणे के डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन की भागीदारी सबसे अधिक 18 प्रतिशत रही। इसके अलावा फैक्ट्रियों के धुएं की भागीदारी 8.89 प्रतिशत रही। हरियाणा के झज्जर की तरफ से आने वाले प्रदूषक तत्वों की भागीदारी 14.20 प्रतिशत, रोहतक से आने प्रदूषक तत्वों की भागीदारी 5.89 व सोनीपत से आने वाले प्रदूषक तत्वों की भागीदारी 5.36 प्रतिशत रही। बाकी अन्य प्रदूषक तत्व जिम्मेदार रहे। एनसीआर के प्रमुख शहरों में फरीदाबाद को छोड़कर अन्य शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही।
रविवार को सीपीसीबी और आइक्यूएयर के अनुसार एयर इंडेक्स
शहर | सीपीसीबी | आइक्यूएयर |
दिल्ली | 294 | 228 |
फरीदाबाद | 143 | 157 |
गाजियाबाद | 224 | 176 |
ग्रेटर नोएडा | 262 | 186 |
गुरुग्राम | 239 | 181 |
नोएडा | 213 | 170 |
दिल्ली में शाम पांच बजे इन जगहों पर रहा अधिक एयर इंडेक्स
- नेहरू नगर- 371
- मुंडका- 361
- जहांगीपुरी- 359
- बुराड़ी- 355
- रोहिणी- 352
- बवाना- 349
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