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Delhi के सरकारी स्कूल के गेट पर मनीष सिसोदिया के समर्थन में लगाया पोस्टर, केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत स्कूल प्रबंधन समिति के संयोजक गजाला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कथित तौर पर आप नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समर्थन में शास्त्री पार्क स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में पोस्टर चिपकाए गए थे।

By Jagran NewsEdited By: GeetarjunPublished: Sat, 04 Mar 2023 09:15 PM (IST)Updated: Sun, 05 Mar 2023 07:51 AM (IST)
सिसोदिया का समर्थन करने पर स्कूल प्रबंधन समिति के संयोजक गजाला के खिलाफ केस दर्ज

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस ने संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत स्कूल प्रबंधन समिति के संयोजक गजाला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कथित तौर पर आप नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समर्थन में शास्त्री पार्क स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में पोस्टर चिपकाए गए थे। इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दिल्ली पुलिस को नोटिस कर कार्रवाई की मांग की थी।

स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार सुबह बैनर लगाए जाने का विरोध किया, शिकायतकर्ता ने बताया कि लोगों के विरोध करने पर बैनर हटा दिया गया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत स्थानीय निवासी दिवाकर पांडे ने की थी, जिसके लिए दिल्ली पुलिस ने शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन में दिल्ली संपत्ति विरूपण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।

स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के समन्वयक गजाला ने स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ मिलकर स्कूल के गेट पर बैनर लगवा दिया।

एएनआई से बात करते हुए शिकायतकर्ता दिवाकर पांडे ने कहा, "3 मार्च को सुबह 8-8.30 बजे के बीच, आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ कार्यकर्ता शास्त्री पार्क में सरकारी स्कूल के गेट के ऊपर एक बैनर लगा रहे थे। सबसे पहले, उन्होंने स्कूल से एक डेस्क निकाली और उसे बाहर लाकर उस पर चढ़ गए और गेट पर 'आई लव मनीष सिसोदिया' का पोस्टर लगाने लगे, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि यह शिक्षा का मंदिर है, इससे राजनीति को दूर रखो।"

उन्होंने कहा, "हमने उनसे पूछा भी कि क्या उनके पास अनुमति है। उन्होंने विधायक अब्दुल रहमान से संबंधित होने का दावा किया। इसके बाद एक व्यक्ति ने विधायक से संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अनुमति दी है और विधायक ने हां में जवाब दिया। हम जानते हैं कि विधायक झूठ बोल रहे हैं।" इसलिए किसी राजनीतिक लाभ के लिए किसी स्कूल का इस्तेमाल करने की अनुमति कभी नहीं दी जाती है।"

उन्होंने आगे कहा, "समस्या यह है कि बच्चों से 'आई लव मनीष सिसोदिया' लिखवाया गया. हमारी संस्कृति इन सब चीजों की इजाजत नहीं देती है।" "वे बच्चों का ब्रेनवॉश करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने प्रिंसिपल से पूछा, लेकिन वह मामले की गंभीरता को पहचानने में विफल रहे, जिसके बाद मैंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है और आश्वासन दिया है कि दोषियों को दंडित किया जाएगा।" 

विपक्ष के विरोध के बाद वापस ली आबकारी नीति

बता दें कि सिसोदिया को दिल्ली की नई आबकारी नीति बनाने और लागू करने में कथित अनियमितताओं के आरोप में पिछले रविवार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। विपक्ष द्वारा गड़बड़ी के आरोपों के बाद आबकारी नीति को वापस ले लिया था।

10 मार्च को होगी जमानत याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले में दखल देने से इनकार करने के बाद सिसोदिया ने शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है और उनकी याचिका पर अब 10 मार्च को सुनवाई होगी।  

राष्ट्रीय राजधानी में एक ट्रायल कोर्ट के समक्ष सिसोदिया की ओर से दायर नई जमानत याचिका में कहा गया है कि उन्हें (सिसोदिया) हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा, क्योंकि मामले में सभी बरामदगी पहले ही की जा चुकी है।

इसने आगे कहा कि दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम जांच में सहयोग कर रहे थे और सीबीआई द्वारा बुलाए जाने पर वह पेश हुए थे। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। सिसोदिया ने अपनी याचिका में आगे कहा कि वह डिप्टी सीएम के महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हैं और समाज में उनकी गहरी जड़ें हैं।


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