दिल्ली पुलिस ने 400 किमी पीछा कर सुलझाया 60 लाख लूट का मामला, सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालने के बाद दो लूटेरे दबोचे
दिल्ली पुलिस ने हथियारबंद लूटपाट करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 29.25 लाख रुपये की नकदी और अपराध में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। दिल्ली पुलिस की टीम ने 400 किलोमीटर से ज़्यादा पीछा करके हरियाणा के पानीपत से उन्हें पकड़ा। आरोपियों ने चांदनी चौक में वित्तीय लेनदेन की रेकी करके लूट की योजना बनाई थी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। मध्य जिले की स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की संयुक्त टीम ने हथियारबंद लूटपाट में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। टीम ने 400 किलोमीटर से अधिक पीछा करने के बाद बदमाशों को दबोचा और उनके कब्जे से लूटी गई नकदी 29.25 लाख रुपये और अपराध में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। आरोपितों की पहचान रोहिणी के रवि गुप्ता और अमित के रूप में हुई है।
उपायुक्त एम हर्षवर्धन के मुताबिक, 28 अप्रैल को थाना हौज काजी में लूटपाट की एक घटना की सूचना मिली थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने चांदनी चौक के कूचा घासी राम में अपने व्यापारिक सहयोगी के कर्मचारी से लगभग 60 लाख रुपये लेने पहुंचा था और नकदी से भरा बैग लेकर जैसे ही वहां से निकला तभी लूटेरे ने बंदूक की नोक पर नकदी से भरा बैग लूट लिया और एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से भाग निकला। पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू की।
पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
टीम ने चांदनी चौक, हैदरपुर बादली मोड़, दशरथपुरी मेट्रो स्टेशन, सूरज पार्क और लाल किला रोड जैसे कई स्थानों पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोटरसाइकिल पर चोरी की गई नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था।
गुप्त मुखबिरों से जानकारी जुटाते हुए टीम ने चंडीगढ़, जीरकपुर, पंचकूला और समालखा जैसे शहरों को कवर करते हुए दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में उनका पीछा किया। लगभग 400 किलोमीटर से अधिक ट्रैक के बाद, दोनों आरोपितों को हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार कर लिया।
अपराध में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद
पूछताछ के दौरान रवि गुप्ता ने बताया कि कि उसने लूटे गए पैसों में से भाई के खाते में 5.20 लाख रुपये जमा किए और अपनी पत्नी के लिए 1.78 लाख रुपये के गहने खरीदे थे। उनके कब्जे से 29.25 लाख नकद और अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने चांदनी चौक में वित्तीय लेन-देन की पहचान की थी और कई बार रेकी करने के बाद लूटपाट की योजना बनाई थी। लूटपाट में इस्तेमाल की गई पिस्टल उन्हें पंकज नामक एक साथी ने दी थी, जो अभी भी फरार है। शेष राशि बरामद करने और पंकज को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
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