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    कालकाजी मंदिर में हुई वारदात में कई खुलासे, रोज होता था ये काम; पूछताछ में आरोपियों ने उगला सच

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 10:55 PM (IST)

    दिल्ली के कालकाजी मंदिर में चुनरी विवाद के चलते एक सेवादार की हत्या कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि चार अभी भी फरार हैं। पूछताछ में पता चला कि मोहन और उसके दोस्त बिना लाइन में लगे दर्शन करने की कोशिश करते थे जिससे विवाद होता था। सेवादारों का कहना है कि योगेंद्र का किसी से झगड़ा नहीं था।

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    दिल्ली पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कालकाजी मंदिर परिसर में प्रसाद में चुनरी न देने पर एक सेवादार की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब तक पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि घटना में शामिल चार अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

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    गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी मोहन और उसके कई दोस्त रोजाना कालकाजी मंदिर में दर्शन के लिए आते थे। इनमें से ज्यादातर लोग बिना लाइन में लगे मंदिर में दर्शन करने की कोशिश करते थे। इसी बात पर सेवादारों की उनसे कहासुनी होती रहती थी।

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक ज्यादातर सेवादार उन्हें जानते थे। इस वजह से सेवादार भी उनके साथ ठीक से पेश नहीं आते थे। शुक्रवार को जब मोहन ने जबरन चुनरी मांगी तो सेवादारों ने उसकी पिटाई कर दी। इसी बात पर योगेंद्र की हत्या कर दी गई।

    वहीं, मंदिर के कुछ सेवादारों ने दबी जुबान में दावा किया है कि शुक्रवार को हुई मारपीट में योगेंद्र ने मोहन की पिटाई नहीं की थी। झगड़े के समय वह वहाँ ज़रूर मौजूद था। जब मोहन अपने दोस्तों के साथ मंदिर आया, तो उसने योगेंद्र को पहचान लिया और उस पर हमला कर दिया।

    सेवादारों का कहना है कि योगेंद्र का कभी किसी से झगड़ा नहीं हुआ। योगेंद्र के बड़े भाई कौशल का कहना है कि आरोपियों ने बिना किसी वजह के उसके भाई की हत्या कर दी।

    पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी के अनुसार, हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक मोहन उर्फ ​​भूरा, अतुल पांडे, कुलदीप बिधूड़ी, नितिन और नितिन के पिता को गिरफ्तार किया है। बाकी चार आरोपियों की पहचान हो गई है। चारों आरोपी तुगलकाबाद के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान रोहित, संदीप, काला और बाबी के रूप में हुई है।

    चारों आरोपी अपने परिवारों के साथ फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि झगड़े के दौरान उन्होंने इन चारों आरोपियों को लाठी-डंडों के साथ बुलाया था। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस वीडियो और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मामले की जाँच कर रही है। जिले की चार टीमें उनकी तलाश में दिल्ली, यूपी और हरियाणा में छापेमारी कर रही हैं।

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शुक्रवार को मोहन उर्फ ​​भूरा नाम का एक आरोपी मंदिर में दर्शन के लिए गया था। दर्शन करने के बाद उन्होंने मंदिर के सेवादारों से प्रसाद के रूप में चुनरी मांगी। इस पर सेवादारों ने उन्हें वहां से जाने को कहा। मोहन ने चुनरी देने की जिद की तो वे उनसे झगड़ने लगे।

    आरोप है कि इन लोगों ने मोहन की पिटाई कर दी। उस समय मोहन वहां से चला गया। रात में वह 8-9 लड़कों के साथ मंदिर पहुंचा। उसने हमलावरों में से एक योगेंद्र सिंह को मंदिर की धर्मशाला की ओर जाते देखा। आरोपी उसका पीछा करते हुए धर्मशाला तक गए। वहां उन्होंने योगेंद्र को पकड़ लिया। बाद में वे उसे घसीटते हुए मंदिर की ओर ले गए।

    वहां आरोपियों ने योगेंद्र को लाठियों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनने के बाद भी किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। पिटाई के दौरान योगेंद्र बेहोश हो गया। इसके बाद भी आरोपी उसे पीटते रहे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लाठियों से पिटाई के कारण योगेंद्र के शरीर में कई फ्रैक्चर पाए गए हैं। उसके शरीर में कितने फ्रैक्चर हुए हैं, यह अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा।