उम्र पूरी कर चुके वाहनों को मिलेंगे ईंधन? प्रतिबंध से राहत देने की तैयारी; दिल्ली सरकार और LG ने बताया अव्यावहारिक
दिल्ली में पुराने वाहनों को लेकर राहत की उम्मीद है। प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को देखते हुए पुराने वाहनों को जब्त करने का अभियान वापस हो सकता है। पर्यावरण मंत्री ने अभियान रोकने का आग्रह किया है जबकि एलजी ने इसे अव्यवहारिक बताया है। सीएक्यूएम इस मामले पर विचार कर रहा है और जल्द ही घोषणा कर सकता है।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। उम्र पूरी कर चुके (ईओएल) वाहनों के मामले में जल्द ही राहत मिलने के आसार हैं। प्रदूषण से जंग में दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए फिलहाल
के लिए ऐसे वाहनों को ईंधन न देने एवं उन्हें जब्त करके स्क्रैपिंग के लिए भेजने के अभियान को वापस लिया जा सकता है। एक दो दिन के अंदर ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा इसे लेकर घोषणा कर दिए जाने के संकेत हैं।
अभी तक 93 वाहन किए जा चुके हैं जब्त
गौरतलब है कि सीएक्यूएम के आदेश पर दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को 'एंड ऑफ लाइफ' मानकर एक जुलाई से उन्हें ईंधन न देने और जब्त कर स्क्रैप करने का अभियान चल रहा है। अभी तक 93 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। इससे वाहन चालकों के मन में डर एवं चिंता का माहौल है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसी के मद्देनजर बृहस्पतिवार को सीएक्यूएम अध्यक्ष के नाम पत्र लिखकर इस अभियान को रोकने का आग्रह किया है। सिरसा ने पत्र में पेट्रोल पंपों पर लगाए गए एएनपीआर कैमरों में गड़गड़ी का तर्क रखते हुए इसमें परिचालन व ढांचागत चुनौतियां भी बताई हैं।
वर्तमान में इस आदेश को लागू करना संभव नहीं: सिरसा
यह भी कहा है कि वर्तमान में इस आदेश को लागू करना संभव नहीं होगा। इसीलिए सीएक्यूएम से यह आग्रह किया गया हैं कि निर्देश संख्या 89 के क्रियान्वयन को तब तक तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए, जब तक कि एएनपीआर प्रणाली पूरे एनसीआर में एकीकृत न हो जाएं।
सिरसा के बाद एलजी वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर पुराने वाहनों पर प्रतिबंध को अव्यवहारिक करार दिया है। साथ ही दिल्ली सरकार को इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट का रूख करने की सलाह दी है।
सीएक्यूएम ने प्रदूषण से जंग में हो रहे प्रयासों पर संतोष जताया
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दिल्ली सरकार के पत्र पर तीन दिन से चुप्पी साधे हुए सीएक्यूएम सारे हालातों पर निगाह रखे हुए है। इस दौरान दिल्ली सरकार के उपायों व प्रदूषण की स्थिति के साथ- साथ हरियाणा और पंजाब के अधिकारियों संग भी समीक्षा बैठक की गई है। सीएक्यूएम ने प्रदूषण से जंग में हर स्तर पर हो रहे प्रयासों पर संतोष जताया है।
सीएक्यूएम सूत्रों ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा सोमवार को आयोग के अन्य सदस्यों एवं मामले से संबद्ध हितधारकों के साथ सभी पहलुओं के मद्देनजर चर्चा करेंगे। इस बैठक के बाद संभव है कि सोमवार को ही यह अभियान फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी जाए और नहीं तो अगले एक दो दिन में कर दी जाएगी।
बताया जाता है कि दिल्ली सरकार के अनुरोध पर इस अभियान काे अब दिल्ली-एनसीआर में एक साथ क्रियान्वित किया जा सकता है। साथ ही दीर्घावधि में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए उम्र के बजाए उत्सर्जन मानकों को आधार बनाकर नीति में बदलाव के लिए विचार करने के लिए भी सोचा जा सकता है।
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