पुरानी गाड़ियों को 31 अक्टूबर तक राहत, 1 नवंबर से दिल्ली समेत NCR के वाहनों को भी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल
सीएक्यूएम ने दिल्ली सरकार के अनुरोध पर पुराने वाहनों पर ईंधन प्रतिबंध को लगभग चार महीने के लिए स्थगित कर दिया है। अब दिल्ली में भी यह अभियान 1 नवंबर 2025 से नोएडा गाजियाबाद फरीदाबाद ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम के साथ शुरू होगा। सीएक्यूएम निर्देश संख्या 89 में संशोधन कर रहा है जबकि अन्य सभी कार्यक्रम पहले की तरह ही रहेंगे।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उम्रदराज वाहनों को राहत के संदर्भ में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने आज बैठक की, जिसमें बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में सीएक्यूएम ने दिल्ली सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया है।
CAQM ने फिलहाल दिल्ली में उम्र पूरी कर चुके वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने और उन्हें जब्त करने के अभियान को लगभग चार महीने के लिए स्थगित कर दिया है।
1 नवंबर से फिर शुरू होगा अभियान
यह अभियान एक नवंबर 2025 से दोबारा शुरू होगा। इस बार यह अभियान सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम में भी शुरू होगा।
इसके तहत उम्रदराज वाहनों को ईंधन न देने और उन्हें जब्त करने का अभियान शुरू होगा। सीएक्यूएम इसे लेकर निर्देश संख्या 89 में भी संशोधन कर रहा है। बाकी सारा शेडयूल पूर्ववत रहेगा।
दिल्ली सरकार ने सीएक्यूएम को क्या दी थी दलील
उम्र पूरी कर चुके वाहनों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान शुरू होने के एक दिन बाद ही दिल्ली की भाजपा सरकार ने इस मामले में अदालत जाने की घोषणा कर दी थी।
दरअसल, कार्रवाई के पहले ही दिन लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। इसे देखते हुए सरकार को इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बीते बुधवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेसवार्ता कर साफ किया कि उनकी सरकार इस कार्रवाई के पक्ष में नहीं है।
मंत्री ने आप सरकार पर मढ़ा था आरोप
पूर्ववर्ती आप सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम किया होता तो आज ये हालात नहीं होते। मनजिंदर सिरसा ने कहा कि आप सरकार ने अदालत में ठीक से पक्ष नहीं रखा और प्रदूषण नियंत्रित भी नहीं कर पाई। इस कारण अदालत ने दिल्ली में पुराने वाहनों पर रोक लगाई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुंबई और कोलकाता में वाहनों पर इस तरह का प्रतिबंध नहीं है तो दिल्ली में क्यों है?
मंत्री ने कहा कि इस मामले में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और सुप्रीम कोर्ट को बताया जाएगा कि दिल्ली में प्रदूषण रोकथाम के लिए उनकी सरकार प्रभावी कदम उठा रही है।
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