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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi NCR AQI Today: अभी भी दिल्ली की मुसीबत बढ़ा रहा पराली का धुआं, जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर लोग

By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
Published: Tue, 21 Nov 2023 06:30 AM (IST)Updated: Tue, 21 Nov 2023 07:55 AM (IST)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली भर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली ...और पढ़ें

दिल्ली में जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर लोग। (फोटो जागरण ग्राफिक्स)
दिल्ली में जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर लोग। (फोटो जागरण ग्राफिक्स)

HighLights

  1. अभी भी 'बहुत खराब' श्रेणी में है दिल्ली की हवा
  2. प्रदूषण के बीच सोमवार से खुल चुके हैं दिल्ली के स्कूल

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिवाली के बाद भी हरियाणा और पंजाब में पराली जल रही है। जिसकी वजह से दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। जिसके चलते दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों की हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में शामिल होती जा रही है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली भर में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी हुई है। दिल्ली आज मंगलवार सुबह भी धुंध की चादर में लिपटी रही। सीपीसीबी के अनुसार, आज सुबह आनंद विहार में AQI 374, जहांगीरपुरी में 399, लोधी रोड में 315, न्यू मोती बाग में 370 दर्ज किया गया है। वहीं औसत एक्यूआई 323 रिकॉर्ड किया गया।

कुछ दिनों में छाने लगेगा कोहरा

इससे पहले सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर 430 के पार चला गया। आनंद विहार में एक्यूआई 388, आरके पुरम में 353, पंजाबी बाग में 419 और आईटीओ में 335 रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के साथ साथ कोहरा भी छाने लगेगा।

दमघोंटू हवा का शिकार बनी दिल्ली

मौसमी कारकों के चलते पहले ही दमघोंटू हवा का शिकार बनी दिल्ली की मुसीबत पराली का धुआं भी बढ़ा रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मुताबिक अभी भी पंजाब में बड़ी संख्या में पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं।

सोमवार को भी पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में लगभग एक हजार मामले सामने आए हैं। हवा की रफ्तार बेहद कम होने के चलते दिल्ली के वायु मंडल में प्रदूषक कणों का बिखराव बेहद धीमा हो गया है। इसके चलते दिल्ली के लोग "बहुत खराब" या "गंभीर" श्रेणी की हवा में सांस ले रहे हैं।

दिवाली के बाद फिर जल रही पराली

पंजाब और हरियाणा के खेतों में जलाई जाने वाली पराली भी इस स्थिति को और खराब करने में योगदान कर रही है। दिवाली से पहले 10 और 11 नवंबर को पराली जलाने की मामूली घटनाएं सामने आई थीं।

इसके पीछे कारण एक बडे़ इलाके में होने वाली बूंदाबांदी और वर्षा को कारण माना जाता है। दिवाली के बाद एक बार फिर से पराली जलाने की घटनाओं में तेजी आई। 15 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की दो हजार 544 घटनाएं दर्ज की गई थीं।

दिल्ली की हवा में पराली का धुआं

रविवार यानी 19 नवंबर को भी पंजाब में 740 घटनाएं सामने आई हैं। दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर पराली का असर भी साफ-साफ दिख रहा है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा तैयार डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक 15 नवंबर को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत तक रही थी। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम का अनुमान है कि अब अगले कुछ दिनों में पराली की हिस्सेदारी कम होती जाएगी। पता हो कि इस सीजन में तीन नवंबर को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 35 प्रतिशत तक रही थी।

15 सितंबर से 20 नवंबर तक कहां कितनी जली पराली

  • पंजाब : 35,093
  • हरियाणा : 2,123
  • उत्तर प्रदेश : 2,751
  • दिल्ली : 05
  • राजस्थान : 1,624
  • मध्य प्रदेश : 10,959

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