नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। Delhi Murder Case अंजन दास हत्याकांड (Anjan Das Murder Case) को कुछ उसी बेरहमी से अंजाम दिया गया था, जैसे श्रद्धा वालकर की हत्या की गई थी। दिल्ली को दहलाने वाली दोनों हत्याएं करीब छह माह पूर्व महज 18 दिन के अंतराल में हुईं थीं। दोनों हत्याकांड में इतनी समानताएं हैं कि शुरूआत में दिल्ली पुलिस भी चकरा गई थी। अलग-अलग जगह पर जब दोनों शवों के टुकड़े मिले तो पुलिस को लगा कि ये एक ही इंसान के टुकड़े हैं। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। आइए जानते हैं- दोनों हत्याकांड में क्या हैं समानताएं।

1. छह माह पहले मई में हुई दोनों हत्याएं

मुंबई की श्रद्धा अपने बॉयफ्रेंड आफताब के साथ दिल्ली के महरौली इलाके में रहती थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो 18 मई, 2022 को आफताब ने श्रद्धा का गला घोंटकर हत्या कर दी। ठीक इसी तरह अंजन की हत्या की वारदात को इसी साल मई में अंजाम दिया गया, दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि आफताब ने श्रद्धा का गला घोंटकर मारा, वहीं पत्नी पूनम और बेटे दीपक ने अंजन दास को पहले नशे दवाई दी और फिर चाकू से गोदकर मौत के घाट उतारा। पुलिस ने मई के अंत में पांडव नगर में मानव शरीर के अवशेष बरामद किए थे और खुलासा 6 महीने बाद किया गया।

2. शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा, ताकि बदबू न आए

जिस तरह आफताब अमीन पूनावाला ने लिव इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या के बाद शव को कई दिनों तक फ्रिज में रखा, ठीक उसी तरह पूनम और दीपक ने भी बड़ी चालाकी से अंजन के शव को कई दिनों तक फ्रिज में स्टोर कर रखा। इस दौरान किसी को भी भनक तक नहीं लगने दी। यहां तक की पड़ोसी भी अंजान रहे। 

3. पहचान छिपाने के लिए शव के किए कई टुकड़े

आफताब और श्रद्धा लिव इन में रहते थे। दोनों के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। गुस्से में आकर आफताब ने पहले श्रद्धा का गला घोंटा, फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे टुकड़े-टुकड़े कर दिए। ताकि उसे एक-एक कर फेंकने में आसानी हो। दिल्ली पुलिस को अब तक 5 धारदार हथियार भी मिले हैं, जिससे आफताब ने श्रद्धा के शव के 35 टुकड़े किए।

वहीं, दूसरी तरफ अंजन के अवैध संबंधों से पत्नी पूनम परेशान थी। सौतेले बेटे दीपक को शक था कि अंजन दास उसकी पत्नी पर भी बुरी नजर रखता था। इसी के चलते अंजन की पत्नी और उसके बेटे ने अंजन की हत्या की और उसके शव के टुकड़े कर फ्रिज में कई दिनों तक रखा।

4. कई दिन तक टुकड़े-टुकड़े में ठिकाने लगाया शव

दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आफताब हर रोज रात के दो बजे श्रद्धा के शव के एक टुकड़े को ले जाता औऱ महरौली के जंगल में फेंक आता था। ये सिलसिला 18 दिनों तक चला। आफताब को विश्वास था कि अलग अलग जगहों पर शव के टुकड़े फेंकने पर पुलिस कभी भी सव नहीं ढूंढ पाएगी।

वहीं, पत्नी पूनम और सौतेले बेटे दीपक हर रोज अंजन के शव के टुकड़े को पांडव नगर स्थित रामलीला ग्राउंड और नाले में फेंक आते थे। पुलिस जांच में गत 30 मई को मानव अंग मिले थे। इस मामले में पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले थे।

5. नवंबर माह में ही दोनों का हुआ खुलासा

आफताब ने नई में ही श्रद्धा की हत्या कर दी, लेकिन मामले का खुलासा छह महीने बाद नवंबर में तब हुआ, जब श्रद्धा के घरवालों को बेटी की कोई जानकारी नहीं मिली। श्रद्धा का फोन जून महीने से बंद था। पहले मुंबई पुलिस और फिर दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के बाद आफताब को हिरासत में लिया। वह फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।

अंजन हत्याकांड में भी पुलिस को छह महीने बाद मौत की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली। मानव शव के अवशेष और सीसीटीवी फुटेज आधार पर जांच करते हुए छह माह बाद पुलिस ने आरोपित पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया गया है।

Edited By: Aditi Choudhary

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