नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। Delhi Murder Case Anjan das श्रद्धा हत्यांकाड से मिलते-जुलते दिल्ली के अंजन दास मर्डर में भी जांच आगे बढ़ने के साथ ही कई अहम और हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बीच यह सवाल भी अहम है कि क्या इस हत्याकांड में पूनम की बेटी और बहू की भी गिरफ्तारी होगी? क्या बेटी और बहू दोनों को ही अंजन दास की हत्या की जानकारी थी? क्या दोनों ने हत्याकांड को छिपाया? पूनम के मुताबिक, उसने सबको बताया था कि अंजन दास बिहार गया है और लंबे समय तक वहीं पर रहेगा। वहीं, दीपक ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसकी बहन और पत्नी दोनों एक घर पर थीं। ऐसे में यह लाजिमी है कि पिता के अचानक गायब होने पर सौतेली बेटी ने सवाल नहीं उठाया हो।

अपराध छिपाने पर भी कार्रवाई का है प्रविधान

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस पर अभी कुछ नहीं बोला है। अगर बेटी और बहू को अंजन दास की हत्या की जानकारी थी और उन्होंने दिल्ली पुलिस को इस संबंध में कोई मदद नहीं की तो ऐसे में कानून की नजर में दोनों ही दोषी हैं। कानून के जानकारों की मानें तो अगर आपको अपऱाध के बारे में जानकारी है और आपने पुलिस को जानकारी मुहैया नहीं कराई तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में दिल्ली पुलिस आने वाले दिनों में बेटी और बहू से भी पूछताछ कर सकती है।

हत्या के दौरान मौजूद नहीं थी बेटी और बहू

दिल्ली पुलिस की मानें तो पूनम और अंजन दास एक साथ जहां रहते थे वहां से कुछ ही दूरी पर दीपक भी किराये के घर में पत्नी के साथ रहता था। वारदात वाली रात यानी 30 मई को दीपक ने अपनी बहन को अपनी पत्नी के पास बुला लिया था। इसके बाद वह वहां से चला गया। इससे पहले पत्नी और बहन से कहा था कि उसे मां और अंजन से कुछ जरूरी बात करनी है। इसके बाद 30 मई की रात को पूनम और दीपक ने अंजन दास को पहले नशीली दवा पिलाई फिर बेहोश होने पर उसे मार डाला।

परिवार ने पड़ोसियों व रिश्तेदारों से बना ली थी दूरी

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि जिस आफताब पड़ोसियों से दूरी बनाकर रखता था, उसी तरह अंजन दास की हत्या के बाद आरोपितों ने भी अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तेदारों से भी दूरी बना ली थी। हैरत की बात यह है कि 

मकान मालकिन से कहा पति लंबे के समय के लिए गांव

मकान मालकिन लक्ष्मी देवी ने बताया कि अंजन दास उन्हें दिन में एक से दो बार दिख जाते थे, अचानक से वह दिखना बंद हो गए। उन्होंने कुछ महीने पहले उसकी पत्नी से उसके बारे पूछा तो उसने कहा अंजन अपने गांव गए हुए हैं। वह लंबे समय तक अब गांव में ही रहेंगे। लक्ष्मी देवी को शक तो हुआ, क्योंकि इससे पहले कभी अंजन इतने समय के लिए कभी अपने गांव नहीं गए थे।

दंपती के बीच होते थे झगड़े

मकान मालकिन और किरायेदारों ने बताया कि अंजन और उसकी पत्नी पूनम के बीच अक्सर झगड़े होते थे। कई बार अंजन घरेलू विवाद में अपनी पत्नी को पीट भी देता था। उनके घर के मामले में कोई पड़ोसी नहीं बोलता था।--

पड़ोसियों से कम बोलता था परिवार

जिस घर में वारदात हुई उस घर में किराये पर रहने वाली बिल्लो देवी ने बताया कि पूनम और उसके परिवार पड़ोसियों से ज्यादा बात नहीं करते थे। अपने काम से काम रखते थे। कई बार पूनम रात को देर से घर पर आती थी, उसको लेकर भी उनके घर में झगड़े होते थे। 

रात हुई हत्या, सुबह तक शव पड़ा रहा कमरे पर

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि घर पर अंजन दास को शराब पिलाते समय उसमें नशीली गोली मिला दी गई थी। इसे पीने के बाद जब वह अचेत हो गया तो चाकू से कई वार किए। तब उसकी मौत हो गई तो शव को वहीं के घर के कमरे में छोड़ दिया। पूरी रात उसका शव वहीं पड़ा रहा।

खून पूरी तरह से निकल जाने पर अगले दिन उसके 10 टुकड़े किए और उन्हें प्लास्टिक बैग में भर दिया। बाद मां बेटे उन थैलियों को रामलीला ग्राउंड और अशोक नगर के गंदा नाले फेंका गया।मामले में अभी तक की जांच में पुलिस को शव के छह हिस्से बरामद हुए हैं। पुलिस इन अंगों का डीएनए टेस्ट कराने के लिए नमूने भेजे हैं।

Edited By: Jp Yadav

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