प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने पर दिल्ली नगर निगम की सख्त कार्रवाई, पांच लाख को भेजे नोटिस; 668 संपत्तियां सील
संपत्तिकर न चुकाने पर निगम सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। ऐसे लोग निगम ने 2021-22 या फिर 2022-23 में संपत्तिकर जमा नहीं किया है उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। निगम के अनुसार पांच लाख ऐसे बकायेदारों की पहचान करके नोटिस जारी किए गए हैं। अब इन करदाताओं 15 दिन के भीतर बकाया संपत्तिकर या फिर अपना जवाब दाखिल करना होगा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। संपत्तिकर न चुकाने पर निगम सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। ऐसे लोग निगम ने 2021-22 या फिर 2022-23 में संपत्तिकर जमा नहीं किया है उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। निगम के अनुसार पांच लाख ऐसे बकायेदारों की पहचान करके नोटिस जारी किए गए हैं। अब इन करदाताओं 15 दिन के भीतर बकाया संपत्तिकर या फिर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
इसके अतिरिक्त निगम ने संपत्तिकर न चुकाने पर कई नोटिसों के बाद भी जवाब न देने पर 668 संपत्ति को सील भी किया गया है। निगम ने पिछल एक सप्ताह में 74 व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवई की गई है। इन पर 23.81 करोड़ का संपत्तिकर बकाया था।
दिल्ली नगर निगम के अनुसार जिन प्रमुख संपत्तियों को सील किया गया है उसमें खैबर पास स्थित मेसर्स पार्श्वनाथ डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड की संपत्ति शामिल है।
रोहिणी, महिपालपुर, द्वारका, महावीर एन्क्लेव, नेताजी सुभाष प्लेस, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र, साकेत डिस्ट्रिक्ट सेंटर, आनंद पर्वत, सकुरपुर, शकुरपुर, स्वरूप नगर, रिठाला, बुध विहार, अशोक विहार, पंजाबी बाग, सिरसपुर आदि क्षेत्रों में संपत्तियों को भी सील किया गया है। इसके अलावा, विभाग बड़े कर बकायेदारों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया में भी है।
निगम अधिकारियों के अनुसार भविष्य में भी निगम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बड़े संपत्तिकर बकायादारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी कार्रवाई से बचने के लिए, संपत्ति करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपने बकाया का भुगतान करें।
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