Delhi Metro Women Death मामले में अब तक हाथ खाली, छह दिन पहले हुआ था हादसा; DMRC ने पब्लिक से क्या की अपील?
Delhi Metro Women Death दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री ने भी डीएमआरसी को पत्र लिखकर जांच के लिए निर्धारित समय स्पष्ट करने की बात कही थी। फिर भी सीएमआरएस की जांच कब पूरी होगी उसको लेकर संशय बना हुआ है। इसका एक कारण यह है कि 14 दिसंबर को हुई इस घटना को लेकर डीएमआरसी तब सक्रिय हुआ जब मामला मीडिया में सामने आया।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन के दरवाजे में कपड़ा फंसने के कारण दूर तक घिसटने और फिर ट्रैक पर गिरने के कारण महिला यात्री की मौत के मामले में मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने रेड लाइन के शास्त्री पार्क डिपो पहुंचकर घटना में शामिल मेट्रो ट्रेन की तकनीकी जांच की। सूत्रों के मुताबिक हादसे के दिन मेट्रो ट्रेन चलाने वाले चालक से भी पूछताछ की गई है। लेकिन घटना के छह दिन बाद भी दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) घटना कारण स्पष्ट नहीं कर पाया है। साथ ही डीएमआरसी अब तक जांच की समय सीमा भी तय नहीं कर पाया है।
वीडियो फुटेज हो तो साझा करें- डीएमआरसी
यह भी तब जब एक दिन पहले दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री ने भी डीएमआरसी को पत्र लिखकर जांच के लिए निर्धारित समय स्पष्ट करने की बात कही थी। फिर भी सीएमआरएस की जांच कब पूरी होगी उसको लेकर संशय बना हुआ है। इसका एक कारण यह है कि 14 दिसंबर को हुई इस घटना को लेकर डीएमआरसी तब सक्रिय हुआ जब मामला मीडिया में सामने आया। बताया जा रहा है कि जिस मेट्रो ट्रेन से यह हादसा हुआ उसे फिलहाल परिचालन से दूर रखा गया है।
इस वजह से सीएमआरएस ने डिपो में जाकर इस ट्रेन तकनीकी रूप से निरीक्षण किया और यह पता लगाने की कोशिश की, कि आखिर महिला यात्री का कपड़ा फंसने मेट्रो का दरवाजा क्यों नहीं खुल पाया। सीएमआरएस ने यात्रियों से भी अपील की है कि घटना से जुड़ा कोई साक्ष्य या वीडियो फुटेज हो तो साझा करें। इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से सीसीटीबी के फुटेज लेकर भी जांच की जा रही है।
महिला अंतिम कोच में चढ़ी थी
पीड़ित परिवार का कहना है कि मृतक महिला इंद्रलोक स्टेशन पर रेड लाइन की मेट्रो के अंतिम कोच में चढ़ी थी। भीड़ के कारण बेटे के पीछे छूट जाने के कारण वह वापस ट्रेन से उतर रही थीं। इसी क्रम में दरवाजा बंद होने से कपड़ा मेट्रो के दरवाजे में फंस गया। इसके बाद वह चलती मेट्रो के साथ घिसटती रही। उनका बेटा और दूसरे यात्री चिल्लाते रहे। सामान्य तौर पर मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म की लंबाई करीब 225 मीटर होती है। महिला का कपड़ा अंतिम कोच में फंसा था। ऐसे में वह करीब 200 मीटर तक घिसटने के बाद प्लेटफार्म के अंतिम छोर पर मौजूद गेट से टकराकर मेट्रो ट्रैक पर गिरी। डीएमआरसी का कहना है कि सीएमआरएस की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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