विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

DMRC ने दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर का बदल दिया रंग, अब गोल्डन रंग से जानी जाएगी लाइन

Published: Mon, 29 Jan 2024 08:20 PM (IST)

Delhi Metro News मेट्रो की हर लाइन की पहचान किसी खास रंग से होती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ...और पढ़ें

DMRC ने दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर का बदल दिया रंग, अब गोल्डन रंग से जानी जाएगी लाइन।
DMRC ने दिल्ली मेट्रो के इस कॉरिडोर का बदल दिया रंग, अब गोल्डन रंग से जानी जाएगी लाइन।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। मेट्रो की हर लाइन की पहचान किसी खास रंग से होती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने फेज चार में निर्माणाधीन तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर (Tughlaqabad-Aerocity Corridor) के रंग का कोड बदलने का फैसला किया है।

अब इस कॉरिडोर का नाम सिल्वर लाइन नहीं बल्कि गोल्डन लाइन होगा। इस कॉरिडोर का काम 40 प्रतिशत पूरा हो गया है। अगले करीब दो वर्ष में यह बनकर तैयार होगा। डीएमआरसी का कहना है कि ट्रेन पर गोल्डन रंग ज्यादा बेहतर तरीके से दिख पाएगा। इसलिए तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर के रंग का कोड बदलने का फैसला किया है।

एनसीआर में मेट्रो के 12 कॉरिडोर

मौजूदा समय में एनसीआर में मेट्रो के 12 कॉरिडोर हैं। ये कॉरिडोर के अलग-अगल 11 रंगों की लाइन के रूप में पहचानी जाती हैं। दिल्ली मेट्रो के कॉरिडोर तीन (द्वारका सेक्टर-21-इलेक्ट्रानिक सिटी नोएडा) व कॉरिडोर चार (यमुना बैंक-वैशाली) ब्लू लाइन के रूप में जाने जाते हैं।

23.62 लंबा कॉरिडोर

डीएमआरसी ने फेज चार में निर्माणाधीन 23.62 किलोमीटर लंबे तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर का नाम पहले सिल्वर लाइन नाम दिया था। सभी कॉरिडोर की मेट्रो ट्रेनों पर संबंधित रंग की एक पट्टी लगी रहती है। ब्लू लाइन की मेट्रो ट्रेनों पर शीशे के नीचे ब्लू रंग की पट्टी लगी रहती है।

मेट्रो पर लगा रहा है लाइन का रंग

ट्रेन के अंदर भी इंटरचेंज स्टेशनों के नाम के सामने संबंधित मेट्रो लाइन के रंग की लाइनें बनी होती हैं। डीएमआरसी का कहना है कि स्टेनलेस स्टील से बने मेट्रो ट्रेन के कोच की बॉडी सिल्वर रंग जैसी होती है। ऐसे में तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर की मेट्रो ट्रेनों पर सिल्वर रंग की पट्टी यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखेगी नहीं।

इस वजह से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। सिल्वर रंग की तुलना में गोल्डन रंग बेहतर रूप से दिख पाएगा। इसलिए गोल्डन रंग इस कॉरिडोर की पहचान होगी।

दो वर्ष बाद हो पूरा हो जाएगा कॉरिडोर

डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल (जनसंपर्क) ने कहा कि यह कॉरिडोर मार्च 2026 में बनकर तैयार होगा। इस गोल्डन लाइन पर 15 स्टेशन होंगे। यह लाइन तुगलकाबाद में दिल्ली मेट्रो के वायलेट लाइन (कश्मीरी गेट-बल्लभगढ़) और एरोसिटी मेट्रो स्टेशन पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जुड़ेगी। साथ ही इसे एयरपोर्ट टर्मिनल एक तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। ऐसा होने पर गोल्डन लाइन एयरपोर्ट टर्मिनल एक मेट्रो स्टेशन पर मजेंटा लाइन के साथ भी जुड़ेगी।