नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले तीन महीने से जारी प्रदर्शन को पुलिस ने खत्म करवा दिया। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने सड़क पर बैठे लोगों को हटा दिया। इसके अलावा वहां पर मौजूद टेंट को भी हटा दिया। शाहीन बाग की सड़क खुलवाने के लिए पुलिसकर्मियों का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है।

स्थानीय लोगों ने डीसीपी साउथ आरपी मीणा और अन्य पुलिसकर्मियों को गुलाब का फूल दिया और उनका धन्यवाद किया।

 

लोगों ने पुलिसकर्मियों को फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। लोगोंने कहा कि धरना खत्म करवाकर पुलिस ने बहुत बड़ा काम किया है।

कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पूरी राजधानी में मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन की घोषणा की है। लेकिन शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी लाखों लोगों के जीवन को संकट में डालते हुए प्रदर्शनस्थल पर डटे हुए थे। जबकि प्रदर्शनकारियों के ही एक गुट ने कोरोना संक्रमण के दौरान प्रदर्शन स्थगित करने की बात रखी थी, लेकिन अन्य प्रदर्शनकारियों ने जैसे प्रदर्शन को रोकना अपनी शान के खिलाफ समझ लिया था।

वहीं, धरने के चलते आसपास की कई कॉलोनियों में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। धरनास्थल पर शाम को भारी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हो रहे हैं। इससे पहले भी शाहीन बाग के दो प्रदर्शनकारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारी अपने साथ-साथ लाखों दिल्लीवासियों की जिंदगी खतरे में डालते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धरनास्थल पर केवल पांच महिलाओं को ही प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद कॉलोनी में रहने वाले सैकड़ों लोग शाम के समय धरनास्थल पर एकत्रित हो जाते हैं। सरिता विहार में रहने वाले लोगों का कहना है कि प्रदर्शनकारी भारत सरकार के किसी कानून का पालन नहीं कर रहे हैं।

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Posted By: Mangal Yadav

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