कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड: एसएचओ जगत नारायण को झटका, आरोप तय करने के खिलाफ दायर याचिका दिल्ली HC से खारिज
आरोप तय करने के निर्णय को रद करने की मांग वाली जगत नारायण की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने तथ्यों व सामग्री को देखते हुए उचित आदेश पारित किया है। कोर्ट ने हत्या आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने के सीबीआइ की विशेष अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है।
नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। कानुपर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड मामले में आरोपित रामगढ़ताल थाना के तत्कालीन प्रभारी जगत नारायण सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है।
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने हत्या, आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने के सीबीआइ की विशेष अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है।
आरोप तय करने के निर्णय को रद करने की मांग वाली जगत नारायण की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने तथ्यों व सामग्री को देखते हुए उचित आदेश पारित किया है।
Also Read-
ऐसे में मामले की समग्रता व परिस्थितियों को देखते हुए निचली अदालत के निर्णय में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं बनता है। 27 सितंबर 2021 को कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ गोरखपुर घूमने के लिए आए थे।
तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस में रात में पुलिस ने मनीष व उनके दोस्तों की पिटाई कर दी थी। इससे मनीष की मौत हो गई थी। दूसरे दिन मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपित निरीक्षक जगत नारायण सिंह सहित छह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया था।
इसकी विवेचना पहले कानपुर एसआइटी ने की। एक माह बाद यह जांच सीबीआइ को दे दी गई। जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में सीबीआइ ने विवेचना पूरी कर दिल्ली की विशेष सीबीआइ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।