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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बड़ी खबर: DLF छतरपुर फार्म के रास्तों का इस्तेमाल कर पाएंगे आम लोग, नहीं देना होगा अब कोई चार्ज

Published: Fri, 23 May 2025 06:27 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने छतरपुर फार्म वेलफेयर सोसायटी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए आम नागरिकों को डीएलएफ छतरपुर फार्म के ...और पढ़ें

डीएलएफ छतरपुर फार्म के रास्तों से आम नागरिकों को प्रवेश की हाई कोर्ट ने दी अनुमति
डीएलएफ छतरपुर फार्म के रास्तों से आम नागरिकों को प्रवेश की हाई कोर्ट ने दी अनुमति

HighLights

  1. नागरिकों को डीएलएफ फार्म में प्रवेश की अनुमति
  2. रास्तों पर शुल्क वसूली पर रोक
  3. निजी सड़कों के दावों पर कोर्ट का सवाल

विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। बीते कई सालों से गेट लगाकर आम नागरिकों को रास्ते का प्रयोग करने से छतरपुर फार्म वेलफेयर सोसायटी द्वारा रोकने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थानीय निवासियों के पक्ष में अहम निर्णय सुनाया है।

छतरपुर एक्सटेंशन के स्थानीय निवासियों की याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति मिनी पुष्कणा की पीठ ने आदेश दिया कि डीएलएफ छतरपुर फार्म के रास्तों से आम नागरिकों को प्रवेश की अनुमति होगी।

यह भी आदेश दिया कि इसके लिए किसी तरह का कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। अदालत ने डीएलएफ छतरपुर फार्म की स्थिति का आकलन करने का भी मुख्य सचिव काे निर्देश दिया।

अदालत ने निजी सड़क को लेकर भी पूछा सवाल

अदालत ने मुख्य सचिव को इस तथ्य के आकलन का भी आदेश दिया कि क्या डीडीए अधिनियम- 1957 के लागू होने के बाद दिल्ली में कोई निजी सड़क मौजूद हो सकती है।

मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) समेत अन्य विभागों की बैठक बुलाएं ताकि यह आकलन किया जा सके कि कुछ निजी पक्षकारों द्वारा सड़कों को निजी सड़कों के रूप में कैसे दावा किया जा रहा है।

डीएलएफ छतरपुर फार्म एक निजी क्षेत्र और इसकी निजी मौजूदा सड़कें होने के छतरपुर फार्म वेलफेयर सोसाइटी के अधिवक्ता के तर्क से असहमत होते हुए पीठ ने कहा कि यह दावा दिल्ली में विभिन्न भूमियों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं लगता।

22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

उक्त टिप्पणी व निर्देश के साथ अदालत ने मामले की सुनवाई 22 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दी और मुख्य सचिव को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता छतरपुर एक्सटेंशन निवासियों ने याचिका दायर कर छतरपुर फार्म वेलफेयर सोसायटी द्वारा डीएलएफ छतरपुर फार्म के तीन मार्गों पर लगाए गए गेटों को हटाने का निर्देश देने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से छतरपुर भाटी रोड, छतरपुर मांडी रोड, छतरपुर सुल्तानपुर रोड पर एक-एक गेट लगा कर आम नागरिकों के रास्ते को प्रतिबंधित किया गया है।

रास्ते पर बैठाएं हैं बाउंसर, प्रवेश के लिए 2,950 रुपये वसूलते हैं चार्ज

छतरपुर से सुल्तानपुर जाने के इस रास्ते पर सोसाइटी ने बाउंसर तैनात कर दिए हैं और इसके कारण आम नागरिकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह भी दावा किया कि इन रास्तों का इस्तेमाल करने के लिए पांच साल से अधिक समय से लोगों से सालाना चार्ज वसूल किया जाता है। वर्तमान में स्थानीय नागरिकों को रास्ते के उपयोग के लिए 2,950 रुपये का कूपन लेना पड़ता है।