यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'पहले लगाया यौन संबंध का आरोप, फिर रिहाई की मांग', दोहरे रवैये से HC नाराज; कहा- विवाह करवाने को नहीं है कोर्ट
Delhi High Court पीड़िता ने प्राथमिकी में शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया था और बाद ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Delhi High Court शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि यौन अपराध के मामलों में अदालतों का इस्तेमाल विवाह की सुविधा दिलाने वाले के रूप में नहीं किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि जमानत प्राप्त करने के लिए अदालतों का उपयोग नहीं किया जा सकता है।
आरोपित और शिकायतकर्ता दोनों एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे
अदालत ने कहा कि पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में कहा कि वह आरोपित से शादी करने को तैयार थी, जबकि आरोपित ने हमेशा उससे शादी का वादा करने या शारीरिक संबंध स्थापित करने की बात करने से इन्कार किया था। इससे स्पष्ट है कि आरोपित और शिकायतकर्ता दोनों न्यायिक प्रणाली और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।
कोर्ट ने कहा, शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी में आरोपित पर शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया था। इसे मजिस्ट्रेट के सामने भी दोहराया था। लेकिन, बीते 22 अगस्त को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष आरोपित को जमानत पर रिहा करने की मांग कर दी, क्योंकि अब वे शादी करना चाहते हैं।
कोर्ट ने शिकायतकर्ता को लगाई फटकार
कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने आरोपित की पहली अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और उस समय न तो शिकायतकर्ता न्यायाधीश के सामने पेश हुई और न ही यह तर्क दिया था कि उसने जमानत याचिका का विरोध नहीं किया। आरोपित ने पीड़िता के साथ सहमति से संबंध बनाने की बात कही है। यहां तक कि उस तारीख पर भी दलीलें दी गईं कि आरोपित को मौजूदा मामले में झूठा फंसाया गया है।
संबंध बनाने के बाद भी विवाह के लिए मजबूर नहीं कर सकते
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी लड़की ने लड़के से यौन संबंध बनाए हों तो भी उसे विवाह के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने लड़के की आत्महत्या के मामले में लड़की को अग्रिम जमानत दे दी।
पेश मामले में एक लड़का और लड़की एक-दूसरे से प्यार करते थे और विवाह करना चाहते थे। पता चलने पर लड़की के पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दी और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद लड़का तनाव में रहने लगा और इसी वर्ष मार्च में उसने आत्महत्या कर ली।
इस मामले में लड़की पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। अब याचिकाकर्ता लड़की ने हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत की मांग की थी।
