Delhi Water Level: दिल्ली में भूजल को लेकर खुशखबरी, 87 प्रतिशत हिस्से में बढ़ा पानी का स्तर
Delhi Ground Water Level राजधानी में भूजल के बावजूद ज्यादातर इलाके में भूजल बढ़ा है। हाल ही में जारी केंद्रीय भूजल नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 87 प्रतिशत इलाके में भूजल स्तर औसतन दो मीटर तक बढ़ा है।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजधानी में भूजल के बावजूद ज्यादातर इलाके में भूजल बढ़ा है। हाल ही में जारी केंद्रीय भूजल नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 87 प्रतिशत इलाके में जनवरी 2022 में इसके पिछले वर्ष के मुकाबले भूजल स्तर औसतन दो मीटर तक बढ़ा है। वहीं 13 प्रतिशत इलाके में दो मीटर तक भूजल स्तर घटा भी है।
रिपोर्ट के अनुसार, भूजल स्तर की निगरानी के लिए 128 केंद्र हैं। इसके तहत 26 जगहों पर वेल और 102 जगहों पर पीजो मीटर लगाए गए हैं। इस रिपोर्ट में जनवरी 2021 व जनवरी 2022 में भूजल स्तर की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। जिसमें कहा गया है कि 87 प्रतिशत इलाकों में भूजल स्तर बढ़ा है।
यहां बढ़ा भूजल स्तर
इसके तहत 40 प्रतिशत इलाके में दो मीटर से अधिक भूजल स्तर बढ़ा। जिसमें 20 प्रतिशत इलाके में चार मीटर तक और शेष 20 प्रतिशत इलाके में चार मीटर से अधिक भूजल स्तर बढ़ा। इनमें दक्षिण पूर्व, नई दिल्ली व दक्षिणी दिल्ली के इलाके शामिल हैं। यमुना से नजदीक होने के कारण इन इलाकों में भूजल स्तर अधिक बढ़ा है।
इसका एक कारण यह हो सकता है कि वर्ष 2021 में मानसून के दौरान अधिक बारिश हुई थी। इस वजह से भूजल रिचार्ज अधिक हुआ।
एक चौथाई दिल्ली में भूजल का भंडार है कम
भूजल स्तर बढ़ने के बावजूद दिल्ली के करीब एक चौथाई इलाके में भूजल का भंडार बहुत कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 24 प्रतिशत इलाके में जमीन के स्तर से पांच मीटर तक ही भूजल उपलब्ध है। 19 प्रतिशत इलाके में 20 से 68 मीटर की गहराई तक भूजल उपलब्ध है। 57 प्रतिशत इलाके में पांच से 20 मीटर गहराई तक भूजल उपलब्ध है।
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10 वर्षों में 70 प्रतिशत इलाके में बढ़ा भूजल स्तर
जनवरी 2012 की तुलना में जनवरी 2022 में 10 वर्षों के दौरान 70 प्रतिशत निगरानी केंद्रों के वेल का भूजल स्तर बढ़ा है और 30 प्रतिशत वेल का भूजल स्तर कम हुआ। इस दौरान कुछ इलाकों के भूजल स्तर में 16.11 मीटर तक गिरावट हुई। वहीं कुछ इलाकों में 18.61 मीटर तक भूजल स्तर बढ़ा।
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