शराब से दिल्ली सरकार मालामाल! तीन महीने में ही बेच डाली 17 करोड़ बोतलें; मिला 2600 करोड़ से अधिक का राजस्व
दिल्ली सरकार के चार निगमों ने अप्रैल से जून तक 16.96 करोड़ शराब की बोतलें बेचकर 2662 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। पिछले साल के मुकाबले बिक्री में वृद्धि हुई है। डीएसआईआईडीसी ने सबसे ज़्यादा बोतलें बेचीं। सरकार नई आबकारी नीति लाने की तैयारी में है जिससे राजस्व और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। नई नीति से पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शराब की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के चार निगमों ने एक अप्रैल से 30 जून तक तीन माह में लगभग 16.96 करोड़ शराब की बोतलें बेचीं हैं, जिससे सरकार को 2,662 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला है।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बेची गई शराब की बोतलों की संख्या से एक करोड़ से अधिक है। दिल्ली राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) ने अप्रैल-जून तिमाही में विभिन्न प्रकार की शराब की सर्वाधिक 5.29 करोड़ बोतलों की बिक्री दर्ज की।
इसके बाद दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने पांच करोड़ बोतलें, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (डीएससीएससी) ने 3.65 करोड़ बोतलें तथा दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक भंडार (डीसीसीडब्ल्यूएस) ने 2.91 करोड़ बोतलें बेचीं।
एजेंसियां 700 से अधिक दुकानों का संचालन करती हैं
वर्तमान आबकारी नीति के तहत, दिल्ली में खुदरा शराब की बिक्री पूरी तरह से सरकार द्वारा अपनी चार एजेंसियों डीएसआईआईडीसी, डीटीटीडीसी, डीएससीएससी और डीसीसीडब्ल्यूएस के माध्यम से की जाती है। ये एजेंसियां 700 से अधिक दुकानों का संचालन करती हैं। पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की पहली तिमाही में, चारों निगमों ने 15.93 करोड़ बोतलों की बिक्री दर्ज की, जिससे उन्हें 2,403 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि इस साल समान अवधि में बिक्री से 259 करोड़ रुपये अधिक की कमाई हुई है। पहली तिमाही में बेहतर बिक्री से सरकार को 2025-26 में 7,000 करोड़ रुपये के आबकारी कर संग्रह के अपने लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।
राजस्व बढ़ाने के लिए एक नई आबकारी नीति तैयार कर रही
यहां बता दें कि 2022 में दिल्ली में शराब बिक्री का काम पिछली सरकार द्वारा आबकारी नीति 2021-22 को रद करने के कारण बाधित हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि सरकार अब राजस्व बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई आबकारी नीति तैयार कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्ण शराब की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव धर्मेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करके नई नीति का मसौदा तैयार कर रही है।
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