यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली में धूल प्रदूषण फैलाया तो होगी सख्त कार्रवाई, निर्माण कार्यों पर सरकार रखेगी नजर
Delhi Pollution दिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चेताया ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चेताया है कि निर्माण कार्य या किसी माध्यम से जो लोग धूल प्रदूषण फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सोमवार से अभियान तेज किया जाएगा। किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। धूल प्रदूषण फैलाते जो भी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ एंटी डस्ट कैंपेन के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने धूल, वाहन, कूड़े जलाने आदि समेत अन्य तरह का प्रदूषण पैदा करने की जानकारी मिलने पर दिल्ली ग्रीन ऐप पर शिकायत करने की अपील की। इस ऐप पर फोटो भी डाल सकते हैं।
निर्माण साइटों का किया निरीक्षण
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि गत सात अक्टूबर से दिल्ली सरकार द्वारा एंटी डस्ट कैंपेन शुरू किया गया है। इसके तहत मैंने खुद कई निर्माण साइटों का निरीक्षण किया और वहां नियमों का उल्लघंन होता पाया। इसके बाद मैंने दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर काम कर रहीं 120 निर्माण एजेंसियों के साथ दिल्ली सचिवालय में बैठक कर उन्हें नियमों की विस्तृत जानकारी दी है।
दशहरा उत्सव के बावजूद स्वच्छ हवा में सांस ली जा रही
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को कहा कि राजधानी में दशहरा उत्सव के बावजूद लोग स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं, और अच्छे, संतोषजनक और मध्यम वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या बढ़ रही है, जो प्रदूषण प्रबंधन में सुधार का संकेत है।
दशहरा के बाद खराब हो जाती है हवा
राय ने कहा कि दशहरा के बाद दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (Delhi AQI) खराब श्रेणी से बाहर रहा है, हालांकि, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता दोपहर 12 बजे 225 के साथ खराब श्रेणी में दर्ज की गई। रविवार को प्रेस वार्ता में राय ने कहा कि हर साल दशहरा के बाद हवा की गुणवत्ता आमतौर पर खराब श्रेणी में चली जाती है, लेकिन इस साल दिल्ली में हवा साफ है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पिछले दो सालों में दिल्ली में जनवरी से 12 अक्टूबर के बीच 200 दिन अच्छी, संतोषजनक या मध्यम वायु गुणवत्ता दर्ज की गई है, जबकि 2016 में ऐसे सिर्फ 109 दिन थे।
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राय ने कहा कि यह प्रदूषण प्रबंधन में प्रगति का एक संकेतक है, उन्होंने इस सुधार का श्रेय दिल्ली सरकार के प्रयासों और जनता के समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि बिना लॉकडाउन के यह हासिल करना शहर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
