नई दिल्ली [वीके शुक्ला]।  लॉकडाउन के कारण दिल्ली के रेहड़ी पटरीवालों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा है। इनकी आजीविका पर सबसे ज्‍यादा मार पड़ी है, लॉकडाउन के बाद राजधानी दिल्ली की आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने व लोगों को आर्थिक मदद देने के मकसद से दिल्ली सरकार रेहड़ी- पटरी वालों को 20 हजार रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराएगी। इसमें सब्जी व फल विक्रेता भी शामिल होंगे। दिल्ली सरकार के एससी, एसटी, अल्पसंख्यक विभाग की एक बैठक में यह फैसला लिया गया है। इस बैठक में समाज कल्याण मंत्री राजेंद्रपाल गौतम भी मौजूद थे। इस फैसले से एक लाख से अधिक पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि जल्द ही इस योजना को जमीन पर उतारने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली में पांच लाख के करीब रेहड़ी-पटरी वाले हैं, लेकिन तीनों नगर निगमों व नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अंतर्गत 1.3 लाख ही पंजीकृत हैं। फिलहाल सरकार की इस योजना का फायदा पंजीकृत रेहड़ी- पटरी वालों को ही मिलेगा। 

गौरतलब है कि दिल्ली में लॉकडाउन के चलते रेहड़ी-पटरी वालों को काफी नुकसान हुआ है। उन्हें आजीविका के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। रेहड़ी-पटरी, ठेले या सड़क किनारे दुकान चलाने वालों के लिए केंद्र सरकार ने भी एक लोन स्‍कीम शुरू की है, जिसका नाम पीएम स्‍वनिधि योजना है। इस स्‍कीम का मकसद रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों को सस्ता कर्ज देना है, इस स्‍कीम को पीएम स्‍ट्रीट वेंडर्स आत्‍मनिर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है। 

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