Delhi: वायु प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन पर सख्त दिल्ली सरकार, कंस्ट्रक्शन कंपनी L&T पर लगाया 5 लाख जुर्माना
दिल्ली सरकार ने मंगलवार को निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड पर राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए निर्माण और विध्वंस कार्य पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

नई दिल्ली, एजेंसी। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर सख्ती जारी है। वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी चला गया है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का तीसरा चरण लागू है। इस बीच दिल्ली सरकार ने मंगलवार को नामी निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd ) पर नियमों के उल्लंघन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
एंटी डस्ट कैंपेन के तहत निर्माण के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस बाबत पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि अधिकारियों ने बताया कि जब वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के एक निर्माण स्थल का निरीक्षण कर के लौट रहे थे, तो उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर भाजपा मुख्यालय में निर्माण कार्य होते देखा। यहां पर नियमों का उल्लंघन कर निर्माण किया जा रहा था।
'एन्टी डस्ट कैम्पेन' के तहत औचक निरीक्षण के दौरान भाजपा के निर्माणाधीन कार्यालय स्थल पर पाई गई भारी अनियमिताएं। दिल्ली में निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध के बावजूद चल रहा था निर्माण कार्य।
डीपीसीसी को निर्माण कार्य बंद करने एवं ₹5 लाख जुर्माना लगाने का निर्देश। pic.twitter.com/a60rl749Ln
— Gopal Rai (@AapKaGopalRai) November 1, 2022
भाजपा के कार्यालय में हो रहा था निर्माण
गोपाल राय ने संवाददाताओं से कहा कि यह निर्माण कार्य भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय से संबंधित है, लेकिन हमें अभी इसकी पुष्टि करनी है। उन्होंने कहा कि यह वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों का पूरी तरह से उल्लंघन है, इसलिए हमने कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
वायु प्रदूषण से निपटने के लिए बनाए गए नियम
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 2021 में गठित एक वैधानिक निकाय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शनिवार को अधिकारियों को आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर, दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन के तहत अन्य प्रतिबंधों को लागू करने का निर्देश दिया था। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP), यह पहली बार 2017 में लागू किया गया था। स्थिति की गंभीरता के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण रोधी उपायों का यह एक सेट है।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 14 सूत्रीय नियमों का पालन करना जरूरी
गौरतलब है कि पर्यावरण मंत्री ने कहा था कि निर्माण साइट्स पर 14 सूत्रीय नियमों को लागू करना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि निर्माण साइटों पर यदि नियमों का उल्लंघन होता है, तो एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार 10 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अगर नियमों का ज्यादा उल्लंघन किया गया तो कंस्ट्रक्शन साइट को बंद कर दिया जाएगा। पर्यावरण मंत्री ने एंटी डस्ट कैंपेन को लेकर विभाग के अधिकारियों को निर्देश भी दिया है कि, टीमों से रोजाना रिपोर्ट लें। उन्होंने बताया कि टीमों को निर्देश दिए गए हैं का वह लगातार निरीक्षण करते रहें । राय ने लोगों से भी अपील की कि कहीं भी अगर उनको निर्माण/विध्वंस कार्य में अनियमितता दिखे तो वे ग्रीन दिल्ली एप पर इसकी शिकायत करें।
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