स्वास्थ्य क्षेत्र में बदल जाएगी दिल्ली की सूरत? डेढ़ गुना बढ़ा बजट; रिपोर्ट से समझिए राजधानी का भविष्य
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य बजट में डेढ़ गुना वृद्धि की है। आयुष्मान भारत योजना पर खर्च बढ़ाया जाएगा। मोहल्ला क्लीनिक की जगह आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलेंगे। 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्रिटिकल केयर ब्लॉक और सेंट्रलाइज्ड डायग्नोस्टिक लैब बनेंगे। दिल्ली में दो नए मेडिकल कॉलेज बनेंगे। परंपरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा। आगे विस्तार से पढ़िए आखिर और क्या-क्या किया जाएगा।

रणविजय सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में गरीब व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान भारत जन आरोग्य (पीएम-जेएवाई) को लागू करने की स्वीकृति देने वाली भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य का बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब डेढ़ गुना बढ़ा दिया है।
आयुष्मान भारत योजना पर होगा अधिक खर्च
इसका एक बड़ा हिस्सा आयुष्मान भारत योजना पर खर्च होगा। इस बूस्टर डोज से स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूती मिलेगी। घर के नजदीक प्राथमिक चिकित्सा व गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग उपलब्ध कराने के लिए मोहल्ला क्लीनिक की जगह अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ व वेलनेस सेंटर) खोले जाएंगे।
बताया गया कि वर्ष 2021-22 के बाद लगातार स्वास्थ्य के बजट में लगातार कमी की गई थी। पिछले वर्ष के 8,685 करोड़ के प्रविधान के मुकाबले इस बार के बजट में 12,893 करोड़ का प्रविधान किया गया है। जोकि कुल बजट का करीब 13 प्रतिशत है। शिक्षा के बाद सबसे ज्यादा बजट स्वास्थ्य के लिए प्रस्तावित किया गया है।
पीएम-जेएवाई के लिए किया 147.64 करोड़ का प्रविधान
वहीं, पिछले वर्ष की तुलना में बजट 4,208 करोड़ (48.45 प्रतिशत) बढ़ा है। परियोजनाओं और स्वास्थ्य कार्यक्रमों का बजट पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना से ज्यादा हो गया है। पिछले वर्ष 3,451 करोड़ के मुकाबले इस बार 6,874 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है। पीएम-जेएवाई के लिए 147.64 करोड़ का प्रविधान किया गया है।
इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख और दिल्ली सरकार की तरफ से पांच लाख का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
दिल्ली में खुलेंगे 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं होने दिया था। अब इसके लिए प्रविधान किया गया है। इससे 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, क्रिटिकल केयर ब्लॉक व सेंट्रलाइज्ड डायग्नोटिक लैब बन सकेंगे।
इसके तहत 50 और 100 बेड के 10 क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाए जाने हैं। इससे दिल्ली कोरोना जैसी संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेगी। इसके अलावा सभी जिलों में एकीकृत लैब बनाए जाने हैं।
24 अस्पतालों की रुकी पड़ीं परियोजनाएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार एक हजार की आबादी पर पांच बेड होने चाहिए, जबकि दिल्ली में अभी सिर्फ 2.70 बेड उपलब्ध हैं। अस्पतालों में रेडियोलाजी जांच सुविधाओं का अभाव है। 24 अस्पतालों की परियोजनाएं रुकी पड़ी हैं। इनमें से सात आईसीयू अस्पताल, चार नए अस्पताल व 13 मौजूदा अस्पतालों के विस्तार की परियोजनाएं शामिल हैं।
पिछली सरकार ने इस तरह से काम किया कि ठेकेदारों को 100 करोड़ रुपये तक जुर्माना दिया। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 16,186 बेड बढ़ जाएंगे। इस बार एक हजार करोड़ की राशि से 10-13 अस्पतालों की परियोजनाएं पूरी की जाएंगी। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अस्पतालों में भी सुविधाएं मजबूत की जाएंगी।
- सरकार ने दिल्ली राज्य आयुष सोसायटी (डीएसएएस) का गठन करने की घोषणा की है। परपंरागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा।
- दिल्ली में दो नए मेडिकल कालेज बनाए जाएंगे। इससे 11 मेडिकल कालेज हो जाएंगे, अभी यहां एमबीबीएस के नौ मेडिकल कालेज हैं।
पांच वित्त वर्षों का स्वास्थ्य बजट और परियोजनाओं के बिजट की हिस्सेदारी
बजट में किए गए प्रमुख प्रविधान
- 2,144 करोड़ रुपये आयुष्मान भारत से संबंधित योजनाओं के लिए
- 320 करोड़ रुपये 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए
- 1666.66 करोड़ रुपये क्रिटिकल केयर ब्लाक और डायग्नोस्टिक्स बनाने के लिए
- 147.64 करोड़ रुपये पीएमजेएवाई के लिए प्रस्तावित
- 9.92 करोड़ रुपये आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लिए
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