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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi G20: टास्क फोर्स, कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग... विदेशी मेहमानों के लिए अस्पतालों में किए गए हैं ये इंतजाम

By Ranbijay Kumar SinghEdited By: Abhi Malviya
Published: Sat, 26 Aug 2023 10:00 PM (IST)

जी 20 सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के अस्पतालों में एहतियात के तौर पर इलाज के पुख्ता ...और पढ़ें

आपदा व इमरजेंसी वार्ड में बेड, आईसीयू में वेंटिलेटर और आपरेशन थियेटर आरक्षित रखे जाएंगे।
आपदा व इमरजेंसी वार्ड में बेड, आईसीयू में वेंटिलेटर और आपरेशन थियेटर आरक्षित रखे जाएंगे।

HighLights

  1. एम्स को न्यूक्लियर इमरजेंसी के लिए बनाया गया है नोडल अस्पताल
  2. सफदरजंग को रसायनिक इमरजेंसी के लिए बनाया गया है नोडल अस्पताल
  3. आरएमएल को जैविक इमरजेंसी के लिए बनाया गया है नोडल अस्पताल

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। जी 20 सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के अस्पतालों में एहतियात के तौर पर इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आपदा व इमरजेंसी वार्ड में बेड, आईसीयू में वेंटिलेटर और आपरेशन थियेटर आरक्षित रखे जाएंगे।

साथ ही एम्स, सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल को न्यूक्लियर, रसायनिक और जैविक इमरजेंसी के लिए अगल-अलग खास जिम्मेदारी गई है। इसे ध्यान में रखकर इन अस्पतालों में तैयारी की गई है। इन अस्पतालों में हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम भी संचालित होगा। इसके माध्यम से जरूरतमंद विदेशी मेहमानों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

एम्स को न्यूक्लियर, सफदरजंग अस्पताल को रसायनिक और आरएमएल अस्पताल को जैविक इमरजेंसी का नोडल अस्पताल बनाया गया है। इसके मद्देनजर इन अस्पतालों में डाक्टरों व पैरामेडिकल कर्मचारियों को न्यूक्लियर, रसायनिक और जैविक इमरजेंसी में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रशिक्षण दिया गया है।

सफदरजंग अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल के बर्न व प्लास्टिक सर्जरी ब्लाक में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा इस अस्पताल के आपदा वार्ड में 30 बेड और इमरजेंसी में दो बेड आरक्षित रखे जाएंगे। सम्मेलन के दौरान अस्पताल के डाक्टरों और कर्मचारियों की ड्यूटी प्रगति मैदान और एयरपोर्ट पर लगाई गई। उनके लिए आवागमन के लिए वाहनों भी व्यवस्था की गई है।

एम्स के ट्रामा सेंटर और प्राइवेट वार्ड में बेड आरक्षित रखे जाएंगे। एम्स में डाक्टरों का एक टास्क फोर्स गठित की गई है। जिसमें मेडिसन, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी इत्यादि विभाग के डाक्टर शामिल हाेंगे। विदेशी मेहमानों के इलाज के लिए एम्स रेफरल सेंटर के रूप में काम करेगा।

डाक्टरों की छुट्टियां रद्द

सम्मेलन के दौरान सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल में डाक्टरों व पैरामेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई है। आरएमएल अस्पताल में सात से 10 सितंबर के बीच डाक्टरों व पैरामेडिकल कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। सफदरजंग अस्पताल में आठ से 10 सितंबर के बीच सभी छुट्टियां रद कर दी गई हैं। इस दौरान सभी डाक्टर व पैरामेडिकल कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे।

ओपीडी में भी अगल व्यवस्था

आरएमएल अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी विभागों की ओपीडी में एक कमरा आरक्षित रहेगा। जहां जरूरतमंद विदेशी मेहमानों के इलाज की सुविधा रहेगी। सफदरजंग अस्पताल में भी ओपीडी और वार्ड में मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी व्यवस्थित की गई है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज से जुड़े अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है। आरएमएल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज में आठ से दस सितंबर के बीच आम लोगों के लिए ओपीडी सेवा बंद रखी जा सकती है।

रिपोर्ट इनपुट- रणविजय सिंह