नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं लगाने पर लगने वाले 500 रुपये के जुर्माने को समाप्त कर सकता है। इसके साथ ही कोविड-19 के मामलों में लगातार हो रही कमी के मद्देनजर अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों तथा उपकरणों को भी चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा।

अस्पतालों में संसाधनों की हुई समीक्षा

इस आशय के संकेत एलजी वीके सक्सेना की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई डीडीएमए की बैठक में मिले। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में कोविड हालात की चर्चा की गई। साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों को दिए गए संसाधनों की समीक्षा भी हुई।

चरणबद्ध तरीके से होंगे काम

सूत्रों ने बताया कि बैठक में आइएलआइ-एसएआरआइ मामलों की निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया गया ताकि शुरुआती चेतावनी का पता चल सके। वहीं एहतियाती टीके की खुराक लगवाने को मौजूदा 24 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 40-50 प्रतिशत करने पर भी सहमति बनी। 

सीएम बोले, जरूरी ने बूस्टर डोज

बैठक में जीनोम सीक्वेंसिंग के आंकड़ों के विश्लेषण पर भी जोर दिया गया ताकि मामलों की संख्या में वृद्धि या किसी नये स्वरूप के सामने आने पर पता चल सके। वहीं, विशेषज्ञ सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि हमें अभी ढीला नहीं पड़ना चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने लोगों से कोविड-19 टीके की बूस्टर खुराक लेने को कहा।

एलजी की अपील, कोरोना से बचाव जरूरी

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘उपराज्यपाल की अध्यक्षता में डीडीएमए की बैठक हुई। कोरोना की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लिया। कई अहम निर्णय हुए। सभी दिल्ली वासियों से अपील है कि बूस्टर डोज़ जरूर लगवाएं। त्योहारों के सीज़न में अपने परिवार को कोरोना से सुरक्षित रखें। कोरोना से बचने के लिए सभी एहतियात बरतें।’’

मास्क नहीं लगाने पर है 500 रुपये जुर्माने का प्रविधान

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले डीडीएमए की बैठक पांच माह पहले अप्रैल में हुई थी। उस बैठक में सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया था और इसका उल्लंघन करने वालों पर 500 रुपये जुर्माने का प्रविधान किया गया था। 

Edited By: JP Yadav