DERC ने बिजली कंपनियों को दी बड़ी राहत, उपभोक्ताओं से हर महीने स्वचालित रूप से वसूलेगी शुल्क
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली वितरण कंपनियों को बड़ी राहत दी है। अब वे उपभोक्ताओं से बिजली खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) बिना अनुमति के वसूल सकेंगी क्योंकि यह शुल्क हर महीने स्वतः निर्धारित होगा। डीईआरसी ने मसौदा अधिसूचना जारी कर दी है और 24 सितंबर तक सुझाव मांगे हैं। ईंधन की लागत बढ़ने पर डिस्कॉम उपभोक्ताओं से एफपीपीएएस वसूल सकेंगी जो ऊर्जा शुल्क का 10% तक होगा।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से बिजली खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) वसूलने के लिए दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। यह हर महीने स्वतः निर्धारित होगा।
डीईआरसी ने इस संबंध में एक मसौदा अधिसूचना जारी कर दी है। हितधारक 24 सितंबर तक इस संबंध में अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकते हैं।
ईंधन की लागत बढ़ने पर बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। डिस्कॉम बिजली खरीदने और उपभोक्ताओं को तय दर पर बिजली आपूर्ति करने में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए पीपीएसी वसूलती हैं।
डिस्कॉम के आवेदन पर डीईआरसी एक तिमाही के लिए पीपीएसी निर्धारित करता है। इस बाध्यता को खत्म करने की तैयारी है। इसके लिए डीईआरसी ने टैरिफ निर्धारण नियम एवं शर्तें विनियम, 2017 में संशोधन का मसौदा जारी किया है।
इसके अनुसार, उपभोक्ताओं से ईंधन की बढ़ी हुई लागत वसूलने के लिए ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) मासिक आधार पर स्वतः निर्धारित होगा। इसके लिए एक फॉर्मूला तय किया गया है। यह उपभोक्ता के कुल ऊर्जा शुल्क (बिजली खपत पर शुल्क) और स्थिर शुल्क का अधिकतम 10 प्रतिशत होगा।
इससे डिस्कॉम महंगी बिजली खरीद पर हर महीने पीपीएसी वसूल सकेगी। डिस्कॉम, बिजली उत्पादन कंपनी, उपभोक्ता व अन्य 24 सितंबर तक डीईआरसी के इस प्रस्ताव पर सुझाव व आपत्तियां दे सकते हैं। इस पर विचार करने के बाद डीईआरसी अंतिम अधिसूचना जारी करेगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।