Electric Vehicles: दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन, दो लाख से ज्यादा हुई EV की संख्या
Delhi Electric Vehicles दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राजधानी में दो लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन हो गए हैं। दिल्ली सरकार ने चार साल पहले इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की थी। इस नीति को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सरकार शहर में चार्जिंग ढांचा तैयार कर रही है।

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा साबित कर रहा है कि दिल्ली में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि पर्यावरण को लेकर भी दिल्ली के लोग जागरुक हो रहे हैं।
पिछले चार साल में दिल्ली में दो लाख 15 हजार इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं। इसमें सबसे अधिक दो पहिया हैं, जिनकी संख्या एक लाख के करीब है। 2 हजार इलेक्ट्रिक बसें है तो 17 हजार तिपहिया हैं और 57 हजार ई-रिक्शा शामिल हैं। इसमें सबसे अधिक वाहन 2023 में पंजीकृत हुए हैं।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों की राजधानी बनने की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में सरकार काम कर रही है।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति के चार साल
यहां गौरतलब है कि आठ अगस्त को दिल्ली सरकार द्वारा लाई गई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को चार साल पूरे हो रहे हैं। इस नीति को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। सरकार वर्तमान नीति को जल्द ही विस्तार देने जा रही है और नई बनाई जा रही इस नीति में भी कई तरह की रियायतें देने की सरकार की योजना है।
सरकार चार्जिंग ढांचा तैयार कर रही
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सरकार शहर में इस तरह का चार्जिंग ढांचा तैयार कर रही है कि लोगों को हर तीन किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन मिले या बैट्री बदलने यानी बैट्री स्वैपिंग की भी सुविधा मिल सके। दिल्ली सरकार का मानना है कि 2025 तक कुल वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तभी हो पाएगी, जब दिल्ली में वाहन चार्जिंग के लिए बेहतर ढांचागत सुविधा होगी।
दिल्ली मेट्रो-बस अड्डों के पास चार्जिंग स्टेशन
इसके लिए आधारभूत ढांचा को बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए पिछले साल अतिरिक्त 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। बैट्री स्वैपिंग की भी सुविधा भी शुरू की गई है। इनमें से अधिकांश दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के मेट्रो स्टेशनों और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) डिपो पर लगाए गए हैं।
राजधानी में अलग-अलग एजेंसियों व योजनाओं के अंतर्गत पांच हजार से अधिक चार्जिंग प्वाइंट बन गए हैं। इनमें 318 बैट्री स्वैपिंग स्टेशन भी हैं।
8 अगस्त 2020 से 4 अगस्त 2024 तक कुल पंजीकृत वाहन
ई-रिक्शा (सवारी)- 57,808 (26.8%)
कार्ट के साथ ई-रिक्शा- 10,992 (5.1%)
मोटरसाइकिल/स्कूटर- 1,02949 (47.7%)
मोटर कैब- 7,156 (3.3%)
मोटर कार 14,238 (6.6%)
तीन पहिया (माल)- 17,131 (7.9%)
तीन पहिया (सवारी)- 2.292 (1.1%)
बस- 2,073 (1.0%)
अन्य- 972 (0.5%)
कुल- 2,15,611
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की परिकल्पना के अनुसार दिल्ली को दुनिया की ईवी राजधानी बनाने के लिए काम कर रही है।दिल्ली इस लक्ष्य के करीब पहुंच रही है। सरकार का प्रयास शहर में चार्जिंग व्यवस्था का जाल बिछा देना है कि जिससे लोगों को आने वाले समय में हर तीन किलोमीटर पर चार्जिंग और बैट्री स्वैपिंग की भी सुविधा मिल सके।
दिल्ली की जनता हमारे इस प्रयास में साथ है। जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन नीति को विस्तार दिया जाएगा और इन वाहनों पर सब्सिडी जारी रहेगी। हमारा लक्ष्य दिल्ली को दुनिया का सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों वाला शहर बनाना है।
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