Delhi Election 2025: चुनाव से पहले भाजपा के अंदर बढ़ी बेचैनी, बगावत की राह पर कई नेता
Delhi Election 2025 से पहले भाजपा के अंदर बेचैनी बढ़ गई है। टिकट कटने से नाराज कई नेता बगावत की राह पर हैं। करावल नगर से पांच बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट प्रकरण के बाद बीजेपी के सामने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की चुनौती है। करावल नगर से कपिल मिश्रा को टिकट दिया गया है। पूर्व विधायक नीलदमन खत्री और पूर्व महापौर मास्टर आजाद सिंह भी नाराज हैं।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विधायक मोहन सिंह बिष्ट को मुस्तफाबाद से प्रत्याशी घोषित कर भाजपा उनकी नाराजगी दूर करने में सफल रही है, परंतु कई क्षेत्रों में टिकट से वंचित रह गए नेता बगावत की राह पकड़ने लगे हैं। इससे पार्टी के सामने असंतुष्ट नेताओं व उनके समर्थकों को मनाकर चुनाव प्रचार में लगाने की चुनौती खड़ी हो गई है। यदि नेताओं का असंतोष बढ़ा तो पार्टी की परेशानी बढ़ेगी।
दूसरी लिस्ट के बाद सामने आई बगावत
पार्टी ने चार जनवरी को 29 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी। उसके बाद महरौली विधानसभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी गजेंद्र यादव के विरोध में कुछ लोगों ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आकर प्रदर्शन किया था। कुछ अन्य क्षेत्रों में भी कार्यकर्ताओं की नाराजगी की बात सामने आई थी, लेकिन 11 जनवरी को जारी दूसरी सूची के बाद कई सीटों पर असंतोष है।
करावल नगर से कपिल मिश्रा को बनाया प्रत्याशी
करावल नगर से पांच बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट का टिकट काटकर कपिल मिश्रा को प्रत्याशी घोषित किया गया। इसका विरोध करते हुए विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए आसपास के सीटों पर भी भाजपा को नुकसान होने की बात कह दी।
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा की फाइल फोटो।
पार्टी ने उनकी नाराजगी दूर करते हुए रविवार को मुस्तफाबाद से प्रत्याशी घोषित किया। इसके बाद टिकट से वंचित रह गए पूर्व विधायक नीलदमन खत्री ने नरेला से घोषित प्रत्याशी राजकरण खत्री के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया।
पूर्व विधायक ने दी निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी
उन्होंने प्रेसवार्ता कर प्रत्याशी नहीं बदलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी है। सुल्तानपुर माजरा से कर्म सिंह कर्मा को प्रत्याशी बनाने के विरोध में वहां के कुछ कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
मुंडका से टिकट नहीं मिलने से पूर्व महापौर मास्टर आजाद सिंह और द्वारका से पूर्व महापौर मुकेश सूर्यान नाराज हैं। पार्टी के सामने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की बड़ी चुनौती है।
ये भी पढ़ें-
- Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली चुनाव की तारीख का एलान, 5 को वोटिंग और 8 फरवरी को रिजल्ट
- Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली की 70 सीटों पर किस पार्टी से कौन सा प्रत्याशी मैदान में... पूरी List
दिल्ली के चुनावी रण में भाजपा ने उतारे हरियाणा के मंत्री
दिल्ली विस की सभी 70 सीटों पर पांच फरवरी को होने वाले चुनाव में भाजपा ने हरियाणा के नेताओं को उतार दिया है। सीएम नायब सिंह सैनी की सरकार के मंत्री दिल्ली राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर जनसंपर्क कर रहे हैं।
केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल पहले से दिल्ली में हैं। हरियाणा के नेता उनके निर्देशन में दिल्ली विधानसभा में चुनाव प्रचार करने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री सैनी भी जल्दी ही दिल्ली के चुनाव प्रचार में उतरेंगे। भाजपा के नेशनल सेक्रेटरी ओमप्रकाश धनखड़ और राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला पहले से रणनीतिकार की भूमिका में हैं।
हरियाणा में भाजपा जिन बूथ मैनेजमेंट के जरिये तीसरी बार सत्ता में आने में कामयाब हुई है, वही बूथ मैनेजमेंट दिल्ली विस के चुनाव में अपनाया जा रहा है। हरियाणा के भाजपा नेता दिल्ली के भाजपा नेताओं को बूथ मैनेजमेंट के तरीके बता रहे हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।