नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अब 18 अगस्त को अहम सुनवाई होगी। इस दौरान आरोप तय किए जाने हैं। सुनवाई के दौरान यह तय हो जाएगा कि सुनंदा पुष्कर के पति शशि थरूर को राहत मिलती है या फिर उन पर आरोप तय होते हैं। 

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश 18 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उनके द्वारा पेश किए गए आवेदन में और सबमिशन जमा करने की अनुमति दी है।

गौरतलब है पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-498 ए (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा अत्याचार) और धारा-306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोपी बनाया है। आरोप साबित होने पर मामले में 3 साल और 10 साल की सजा हो सकती है।

गौरतलब है कि सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात दिल्ली के एक लग्जरी होटल के सुइट में मृत मिली थीं। इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर मुख्य आरोपित हैं। उन पर पत्नी सुनंदा पुष्कर को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। 

दिल्ली पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में शशि थरूर से भी पूछताछ की थी। जांच के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि पति के साथ तनावपूर्ण रिश्तों की वजह से पुष्कर मानसिक रूप से परेशान थीं। पुलिस का आरोप है कि सुनंदा पुष्कर की मौत से कुछ दिन पहले उनकी अपने पति से हाथपाई हुई थी और इसके निशान शरीर पर मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, थरूर ने पुष्कर को प्रताड़ित किया जिसकी वजह से उन्होंने आत्महत्या की।

सुनंदा पुष्कर और शशि थरूर की शादी 22 अगस्त 2010 को हुई थी। दिल्ली पुलिस ने एक जनवरी 2015 को अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। थरूर थरूर फिलहाल तिरूवनंतपुरम से लोकसभा सांसद हैं।

 

Edited By: Jp Yadav