Delhi: मुकदमे में समय लगने के चलते आरोपी को अनिश्चितकाल तक सलाखों के पीछे नहीं रखा जा सकता- कोर्ट
फर्जी पासपोर्ट नंबर के आधार पर विदेश यात्रा करते हुए पकड़े गए एक आरोपित को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी। अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला ने कहा कि आरोपित 16 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है और वह मुख्य आरोपी नहीं है। मामले में सभी साक्ष्य पहले ही एकत्रित कर लिए गए हैं और सभी जांच एजेंसी के पास हैं।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। फर्जी पासपोर्ट नंबर के आधार पर विदेश यात्रा करते हुए पकड़े गए एक आरोपित को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दे दी। अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जांगला ने कहा कि आरोपित 16 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है और वह मुख्य आरोपी नहीं है।
मामले में सभी साक्ष्य पहले ही एकत्रित कर लिए गए हैं और सभी जांच एजेंसी के पास हैं। आरोपित को लेकर जांच पूरी हो चुकी है और उसे आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुकदमे में समय लगने के चलते आरोपित को अनिश्चितकाल तक सलाखों के पीछे नहीं रखा जा सकता है।
अधिकारी को अपना नंबर देने के लिए कहा
आरोपित राहुल सरकार ने मामले में जमानत अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने आरोपित को 30 हजार रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि की जमानत राशि जमा करने की शर्त पर जमानत दे दी। साथ ही अदालत ने आरोपित को निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारी को वो फोन नंबर देगा, जिस पर उससे किसी भी समय संपर्क किया जा सके।
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अभियोजन पक्ष की तरफ से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक मुकुल कुमार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि याचिकाकर्ता एक आदतन अपराधी है, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों को भारत से भागने में मदद करता है। बता दें कि पुलिस ने आरोपी को सचिन बिश्नोई के फर्जी पासपोर्ट नंबर के आधार पर विदेश यात्रा करते हुए पकड़ा था।
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