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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Budget 2025: AAP सरकार के कार्यकाल में पहली बार राजस्व घाटे में गई थी दिल्ली, चौंकाने वाले तथ्य आए सामने

Published: Wed, 26 Mar 2025 11:58 AM (IST)

Delhi Budget 2025 दिल्ली सरकार ने 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ का बजट पेश किया है। यह पिछले साल ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साथ में बैठे मंत्री प्रवेश वर्मा। फोटो- ध्रुव कुमार
दिल्ली विधानसभा में बजट पेश करती मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साथ में बैठे मंत्री प्रवेश वर्मा। फोटो- ध्रुव कुमार

HighLights

  1. आप सरकार लाती थी थीम बजट जबकि भाजपा के बजट में हर वर्ग शामिल
  2. 2023-24 का बजट कागजों पर दिखाया गया 78,800 करोड़ का
  3. अगले वर्ष 2,800 करोड़ घटकर रह गया 76,000 करोड़ रुपये

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। Delhi Budget 2025 : वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली की भाजपा सरकार ने एक लाख करोड़ का बजट पेश किया है तो आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के कार्यकाल में मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 में राजधानी पहली बार राजस्व घाटे में आई थी।

1993 से लेकर अब तक 32 साल में दोनों ही तथ्य पहली बार सामने आए हैं और आप एवं भाजपा सरकार के बजट का फर्क प्रस्तुत करते हैं। बीते अक्टूबर में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई एक रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने स्वयं आप सरकार के कार्यकाल में यह स्थिति बयां की थी। 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को बजट पेश किया। फोटो- जागरण

अब कितना होगा राजस्व व्यय?

इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कर राजस्व, गैर-कर राजस्व, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्तियों और केंद्र से अनुदान से दिल्ली की कमाई-वित्तीय वर्ष के अंत तक बजटीय अनुमान 64,142 करोड़ रुपये से घटकर 62,415 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

इस बीच राजस्व व्यय 60,911 करोड़ रुपये से बढ़कर 63,911 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यानी 1,495.48 करोड़ रुपये की कमी। वित्त विभाग के बजट प्रभाग ने 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित अनुमान तैयार करते समय ये अनुमान लगाए थे।

राजस्व व्यय के लिए बताई थी अतरिक्त जरूरत

सूत्रों के मुताबिक, वित्त विभाग ने चालू वित्त वर्ष में विभिन्न राजस्व व्यय के लिए 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता मानी थी। इन्हें 2024-25 के बजट अनुमानों में शामिल नहीं किया गया था।

अधिकारियों का अनुमान था कि कुल व्यय (राजस्व और पूंजी दोनों) बजटीय राशि से 7,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस दृष्टि से भाजपा सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए जो बजट पेश किया है, वो दिल्ली सरकार को इस घाटे से उबारता हुआ दिख रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि वर्ष 2025-26 के बजट में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि देशभर में सर्वाधिक है।

आप सरकार लाती थी थीम बजट

खास बात यह है कि भाजपा सरकार अपने इस बजट को केंद्र सरकार पर निर्भरता से अलग अपने दम पर प्रस्तुत किया है। रेखा गुप्ता ने भी अपने बजट भाषण में स्वीकार किया कि पूर्ववर्ती आप सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट कागजों में 78,800 करोड़ का दिखाया गया, जबकि अगले ही वर्ष 2024-25 में 2,800 रुपये घटकर मात्र 76,000 करोड़ रुपये रह गया।

भाजपा और आप सरकार के बजट में एक और अंतर यह भी देखने को मिलता है कि पूर्व वर्षों में आप सरकार जहां थीम बजट पेश कर मुख्य तौर पर एक क्षेत्र विशेष पर फोकस करती रही। वहीं भाजपा सरकार ने अपने पहले बजट में ही सभी वर्गों को समेटने का प्रयास किया है। यदि यह कहा जाए तो इस बजट में सभी के लिए कुछ न कुछ है तो शायद गलत नहीं होगा।