दिल्ली विधानसभा में स्थायी समितियों का गठन, पूर्व मंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी; कैलाश गहलोत का भी नाम शामिल
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विभिन्न विभागों से संबंधित स्थायी समितियों का गठन किया है। इन समितियों में पूर्व मंत्रियों कैलाश गहलोत अरविंदर सिंह लवली और राजकुमार चौहान को भी अध्यक्ष बनाया गया है। समितियों का मुख्य कार्य नीतियों की समीक्षा करना सुधारों की सिफारिश करना और शासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रत्येक समिति में नौ सदस्य हैं जिनमें विपक्ष के सदस्य भी शामिल हैं।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने विभिन्न विभागों से संबंधित सदन की स्थायी समितियों का गठन किया है। स्थायी समितियां विधायी निगरानी को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इन समितियों का मुख्य कार्य सदन द्वारा अनुमोदित नीतियों के अनुरूप सुधारों की सिफारिश करना तथा सदन या अध्यक्ष द्वारा सौंपे गए विधेयकों की समीक्षा करना है।
ये समितियां संबंधित विभागों की वार्षिक रिपोर्टों एवं नीतिगत दस्तावेजों की समीक्षा करती हैं तथा जनमहत्त्व के विषयों की जांच करती हैं, जिससे शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावशीलता सुनिश्चित होती है।
गठित की गईं दिल्ली विधानसभा सदन की इन सात समितियों में पूर्व में दिल्ली सरकार में मंत्री रहे तीन विधायकों को भी स्थान दिया गया है, इन्हें अध्यक्ष बनाया गया है। इनमें पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत, अरविंदर सिंह लवली व राजकुमार चौहान को भी समितियों का अध्यक्ष बनाया गया है।
गहलोत को प्रशासनिक मामलों की समिति, लवली को स्वास्थ्य विभाग से संबंधित समिति तथा चौहान को विकास व ग्रामीण समिति की जिम्मेदारी मिली है।सभी समितियों में नौ-नौ सदस्य हैं, प्रत्येक समिति में विपक्ष के सदस्यों को भी जगह दी गई है।
इनके अलावा उमंग बजाज को शिक्षा पर विभाग से संबद्ध स्थायी समिति, नीलम पहलवान को कल्याण पर विभाग से संबद्ध स्थायी समिति तथा संदीप सहरावत को जनोपयोगी सेवाओं और नागरिक सुविधाओं पर विभाग से संबद्ध स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इनके अलावा अशोक गोयल को वित्त एवं परिवहन पर विभाग से संबद्ध स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
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