Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Delhi Pollution: दिल्ली में धुंध की चादर ने बिगाड़ी हवा, सांस लेना भी मुश्किल; 2020 के बाद अक्टूबर रहा सबसे खराब

    By Jagran NewsEdited By: Geetarjun
    Updated: Tue, 31 Oct 2023 07:04 PM (IST)

    राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा बनी हुई है। मंगलवार सुबह से राजधानी में धुंध की चादर छाई हुई है। जिस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। पिछले कई दिनों से दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है। कई इलाकों में तो एक्यूआई गंभीर श्रेणी में तक पहुंच गया। इसके साथ ही लोगों को चिकित्सकों द्वारा एन-95 मास्क लगाने की सलाह दी गई है।

    Hero Image
    दिल्ली में धुंध की चादर ने बिगाड़ी हवा, सांस लेना हुआ मुश्किल।

    एएनआई, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा बनी हुई है। मंगलवार सुबह से राजधानी में धुंध की चादर छाई हुई है। जिस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है। पिछले कई दिनों से दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है। कई इलाकों में तो एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में तक पहुंच गया। इसके साथ ही लोगों को चिकित्सकों द्वारा एन-95 मास्क लगाने की सलाह दी गई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    सफर इंडिया (SAFAR India) के अनुसार, पूरी दिल्ली का एक्यूआई 336 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी को दर्शाता है। जबकि लोधी रोड पर एक्यूआई 317 दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में एक्यूआई 400 से ऊपर पहुंच गया।

    सुबह होते ही दिल्ली में धुंध की चादर छा गई। दोपहर में भी मौसम साफ न हुआ। शाम को भी धुंध की चादर छा गई। दोपहर 1 बजे कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार जा पहुंचा। इनमें सोनिया विहार का सबसे ज्यादा रहा। दिल्ली के मुंडका में दोपहर करीब 1 बजे एक्यूआई 428 मापा गया। दिल्ली के पूठ खुर्द, बवाना में एक्यूआई लगातार 410 पर कायम है।

    दोपहर 1 बजे कुछ प्रमुख इलाकों के AQI

    आनंद विहार- 401

    मुंडका- 428

    रोहिणी- 410

    पूठ खुर्द बवाना- 410

    मास्क लगाने की सलाह

    डॉक्टर कहते हैं कि प्रदूषण धीमा जहर है। सांस के जरिये प्रदूषक तत्व शरीर में पहुंचकर पहले सांस की नली, फेफड़े को प्रभावित करती है, बाद में हार्ट अटैक व कैंसर जैसी बीमारी का कारण बनता है। इसलिए लोग प्रदूषण को नजरअंदाज न करें। बचाव के लिए एन-95 मास्क का इस्तेमाल करें। सामान्य मास्क प्रदूषण से बचाव में खास कारगर नहीं है।

    9 सालों में 2021 का अक्टूबर था सबसे साफ

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 से 2023 के दौरान 2021 का अक्टूबर सबसे साफ रहा था। वर्ष 2022 में यह उससे ज्यादा प्रदूषित रहा तो 2023 और भी प्रदूषित दर्ज किया गया है।

    ये भी पढ़ें- दिल्ली में आज से इन बसों को नहीं मिलेगी एंट्री, परिवहन विभाग की 18 टीमें प्रमुख प्रवेश मार्गों पर रहेंगी तैनात

    अक्टूबर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता 2020 के बाद से सबसे खराब

    इस साल अक्टूबर में दिल्ली की वायु गुणवत्ता 2020 के बाद से सबसे खराब रही और मौसम विज्ञानियों ने इसके लिए वर्षा की कमी को जिम्मेदार ठहराया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में इस अक्टूबर में औसत (एक्यूआई) 210 दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह 210 और अक्टूबर 2021 में 173 था।

    दिल्ली में अक्टूबर 2023 में केवल एक दिन (5.4 मिमी वर्षा) हुई, जबकि अक्टूबर 2022 में छह दिन (129 मिमी) और अक्टूबर 2021 में सात दिन (123 मिमी) बारिश हुई।