नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। एम्स में साइबर हमले के 13 दिन बाद सोमवार को सर्वर का पहली बार सफल ट्रायल रन किया गया। इस बीच आनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा शुरू कर देखा गया कि मरीजों का आनलाइन पंजीकरण हो पा रहा है या नहीं। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह कुछ मरीजों के ओपीडी कार्ड भी आनलाइन बनाए गए और कुछ मरीजों को आनलाइन पेपर बनाकर भर्ती भी किया गया।

ट्रायल के लिए आइटी टीम ने पहले ही सभी तैयारियां शुरू कर दी थीं। ट्रायल रन के दौरान एनआइसी की टीम भी अलर्ट रही। पहले सफल ट्रायल रन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि एम्स की कुछ आनलाइन सुविधाएं इसी सप्ताह से आम मरीजों के लिए खुल जाएंगी। इसमें सबसे पहले ओपीडी के लिए आनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 23 नवंबर को हुए साइबर हमले के बाद से एम्स में आनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा बंद है। आफलाइन ही पंजीकरण कर मरीजों को देखा और भर्ती किया जा रहा है।

अगले सप्ताह से शुरू होंगी स्मार्टलैब की बारकोड सुविधा

एम्स सूत्रों के अनुसार स्मार्टलैब और अन्य लैब की आटोमेटिक सेवाएं भी अगले सप्ताह तक शुरू होने जा रही हैं। एम्स डीआरडीओ की मदद से आनलाइन सिस्टम दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

सभी कंप्यूटर को वायरस मुक्त बनाने की कवायद

एम्स के नेटवर्क से जुड़े लगभग पांच हजार कंप्यूटरों का सभी डाटा हार्ड ड्राइव में सुरक्षित कर उन्हें फार्मेट किया गया है। इसके बाद उनमें आधुनिक एंटी वायरस साफ्टवेयर डाला गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आनलाइन सुविधा शुरू होने से पहले सर्वर से जुड़े किसी कंप्यूटर में मालवेयर न रह जाए।

Edited By: Geetarjun

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