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    H3N2 के संक्रमण से लोग हल्के बीमार होते हैं, दिल्ली AIIMS के डॉक्टर बोले- घबराएं नहीं, नया नहीं है वायरल

    By Ranbijay Kumar SinghEdited By: Geetarjun
    Updated: Sat, 11 Mar 2023 12:09 AM (IST)

    H3N2 Infection Viral दिल्ली एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा ए के एच3एन2 वायरस का संक्रमण फैला हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग घबराएं नहीं। यह कोई नया वायरस नहीं है। इसके संक्रमण से ज्यादातर लोगों को हल्की बीमारी होती है।

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    H3N2 के संक्रमण से लोग हल्के बीमार होते हैं, दिल्ली AIIMS के डॉक्टर बोले- घबराएं नहीं, नया नहीं है वायरल

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा ए के एच3एन2 वायरस का संक्रमण फैला हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग घबराएं नहीं। यह कोई नया वायरस नहीं है। इसके संक्रमण से ज्यादातर लोगों को हल्की बीमारी होती है। इससे फेफड़े में संक्रमण कम होता है। इस वजह से मृत्यु दर बहुत कम है।

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    हालांकि, दिल, सांस, किडनी की बीमारियों, मधुमेह, हाइपरटेंशन के मरीजों, बुजुर्गों व कुछ बच्चों में इसका संक्रमण खतरनाक हो सकता है। इसलिए जोखिम वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    एम्स के कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. संजय राय ने कहा कि हर वर्ष मानसून और दिसंबर से फरवरी के बीच इन्फ्लुएंजा का संक्रमण होता है। हर छह माह पर यह अपना स्वरूप हल्का बदल लेता है। इस वजह से हर वर्ष लोगों को इसका टीका लेना पड़ता है। करीब 30 वर्ष से इसका टीका उपलब्ध है।

    यह टीका करीब 60 प्रतिशत ही असरदार है। फिर भी जोखिम वाले लोगों को हर वर्ष यह टीका लेना चाहिए। एच3एन2 कोरोना से ज्यादा तेजी से फैलता है। कोरोना का संक्रमण होने पर बीमारी एक से दो सप्ताह में सामने आती है। एच3एन2 का इन्क्यूबेशन पीरियड दो से चार दिन ही है।

    इस वजह से किसी एक को संक्रमण होने पर आसपास के सभी लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। ज्यादातर लोगों को हल्की बीमारी होती है। इन्फ्लुएंजा से दुनिया भर में हर वर्ष करीब तीन लाख लोगों की मौतें होती हैं। मृत्यु दर 0.1 प्रतिशत से भी कम है।

    फोर्टिस अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डा. विकास मौर्या ने कहा कि जनवरी व फरवरी में इसके मामले अधिक देखे जा रहे थे। अभी मामले कुछ कम हो गए हैं। तापमान बढ़ने के साथ इसका संक्रमण खत्म हो जाएगा।

    बीमारी के लक्षण

    तेज बुखार, गले में खराश, गले में दर्द, खांसी व जुकाम इसके लक्षण हैं।

    गंभीर लक्षण

    सांस फूलने की समस्या, छाती में जकड़न, पीला या हरा बलगम आना इसके गंभीर संक्रमण के लक्षण है।

    बचाव के उपाय

    • हर वर्ष इसका टीका लगवाएं।
    • खांसी, जुकाम व बुखार हो तो परिवार के अन्य सदस्य अगल रहें।
    • मास्क पहनकर बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर हाथ धोएं।
    • खांसी, जुकाम व बुखार होने पर डॉक्टर से दिखाकर दवाएं लें।
    • फ्लू की दवा भी उपलब्ध है, इसलिए लक्षण आने के 48 घंटे के अंदर जांच कराना चाहिए।