रक्षा मंत्रालय की भूमि पर कर रखा था अवैध कब्जा, प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; अवैध पार्किंग बंद
दिल्ली कैंट के मेहराम नगर में रक्षा मंत्रालय की एक एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। रक्षा संपदा कार्यालय छावनी परिषद और सेना के संयुक्त अभियान में अवैध पार्किंग हटाई गई। अनुमानित 40 करोड़ रुपये की इस भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा था जिसे राष्ट्रीय हितों के लिए उपयोग किया जाएगा। अधिकारियों ने भविष्य में और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली कैंट इलाके के मेहराम नगर में रक्षा मंत्रालय की करीब एक एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बुधवार को कार्रवाई की गई। रक्षा संपदा कार्यालय (दिल्ली मंडल), दिल्ली छावनी परिषद और सेना के संयुक्त अभियान में आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल 1डी के समीप स्थित इस भूमि से अवैध पार्किंग और अनधिकृत कब्जा हटाया गया।
वर्तमान में इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान रक्षा संपदा अधिकारियों ने लंबे समय से चल रही अवैध पार्किंग को बंद करवाया और वाहनों को जब्त किया। इस अभियान में सैन्य अधिकारियों और दिल्ली पुलिस ने भी सहयोग प्रदान किया।
रक्षा संपदा अधिकारी वरुण कालिया और दिल्ली छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी कपिल गोयल ने बताया कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा भूमि पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में रक्षा संगठनों को भूमि की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। ऐसे में इस कार्रवाई को रक्षा मामलों के लिए जमीन के उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह जमीन वर्षों से अवैध पार्किंग के कब्जे में थी, जिसे अब सरकार राष्ट्रीय हितों के लिए उपयोग में लाएगी।
कालिया और गोयल ने स्पष्ट किया कि रक्षा भूमि पर किसी भी प्रकार के अनधिकृत कब्जे के खिलाफ भविष्य में और सख्त कार्रवाई की जाएगी। रक्षा संपदा विभाग देशभर में करीब 18 लाख एकड़ भूमि का प्रबंधन करता है और ऐसी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त रखना विभाग की प्राथमिकता है।
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