घाटे में होने के बावजूद DDA ने कैसे कमाया सैकड़ों करोड़ का मुनाफा? सामने आई चौंकाने वाली वजह
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने घाटे में होने के बावजूद वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 8500 फ्लैट बेचकर 3100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा उठाए गए कदमों और आवासीय योजनाओं में बदलावों के कारण एक दशक बाद डीडीए ने लगातार दूसरे वित्त वर्ष में मुनाफा कमाया। इससे आवासीय योजनाओं में लोगों की रुचि बढ़ रही है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। नरेला में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है। इस क्षेत्र को शिक्षा का केंद्र बनाने और अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर बनाने का प्रस्ताव है। रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है।
इससे यहां स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के आवासीय परिसर के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। अन्य स्थानों पर बने डीडीए फ्लैटों को बेचने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
3100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित
इसके साथ ही डीडीए ने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 8500 फ्लैट बेचकर 3100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
डीडीए अधिकारियों का कहना है कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आवासीय इकाइयों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए। डीडीए आवासीय योजना के लिए आवेदन करने के लिए दिल्ली में संपत्ति का मालिक न होने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया।
वेबसाइट पर सिंगल विंडो पूछताछ, खरीदार को संपत्ति से संबंधित सभी दस्तावेज सौंपना, लॉटरी पहले आओ पहले पाओ/ई-नीलामी पद्धति को अपनाया गया। इससे आवासीय योजनाओं में लोगों की रुचि बढ़ रही है।
यही वजह है कि एक दशक से अधिक समय तक घाटे में रहने के बाद डीडीए ने लगातार दूसरे वित्त वर्ष लाभ हासिल किया है। इसने वित्त वर्ष 2023-24 में 511 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में 1371 करोड़ रुपये का अधिशेष दर्ज किया है।
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