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    Cyber Fraud Alert: देश में डिजिटल साक्षरता की कमी बन रही धोखाधड़ी की वजह, इस तरह रखें खुद को सेफ

    By Jagran NewsEdited By: Prateek Kumar
    Updated: Sun, 13 Nov 2022 04:13 PM (IST)

    Cyber Fraud Alert कालेज के समस्त कर्मचारियों को बताया गया कि इन दिनों तकनीक की मदद से किसी की भी निजता में सेंध लगाना आसान हो गया है। हमारे देश में डिजिटल साक्षरता की कमी भी इस तरह की धोखाधड़ी का कारण बनती है।

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    धोखाधड़ी होने पर 1930 पर करें तुरंत काल : प्रो. आशीष मित्तल

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। साइबर सुरक्षा के साथ आनलाइन बैंकिंग विषय पर द्वारका सेक्टर-3 स्थित भास्कराचार्य कालेज आफ एप्लाइड साइंसेस में वर्कशाप का आयोजन किया गया। कालेज के प्राचार्य प्रो. आशीष मित्तल ने बताया कि संयोजक प्रो. सिद्धार्थ सिरोही के संरक्षण में आयोजित इस वर्कशाप में एसबीआइ के क्षेत्रीय प्रबंधकर्ता राकेश कुमार ढींगरा मौजूद रहे।

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    तकनीक की मदद से सेंध लगाना हुआ आसान

    वर्कशाप के दौरान कालेज के समस्त कर्मचारियों को बताया गया कि इन दिनों तकनीक की मदद से किसी की भी निजता में सेंध लगाना आसान हो गया है। हमारे देश में डिजिटल साक्षरता की कमी भी इस तरह की धोखाधड़ी का कारण बनती है। बदलते परिवेश में अपराधी आनलाइन ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।

    इस तरह करें अपनी साइबर सुरक्षा

    ऐसे में सभी को इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों का शिकार बनने से बचने के लिए सतर्क होना होगा। ई-मेल आइडी, हैकिंग, वेबसाइट हैकिंग, साइबर स्टाकिंग, साइबर डिफेमेशन, साइबर बुलिंग, आनलाइन बैंकिंग फ्राड, डाटा चोरी करने, डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोनिग, मोबाइल से संबंधित क्राइम, ई-कामर्स फ्राड सहित कई अन्य तरह के साइबर क्राइम व इससे बचाव के बारे में सभी को कार्यक्रम में विस्तार से बताया गया।

    धोखाधड़ी होने पर करें 1930 पर शिकायत 

    कर्मचारियों को बताया गया कि धोखाधड़ी या धोखाधड़ी के प्रयास के मामले में हमेशा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या शिकायत दर्ज करने के लिए 1930 पर काल करें। अनचाहे मैसेज लिंक को क्लिक नहीं करें। ओटीपी शेयर न करें। एसएमएस अलर्ट हमेशा ओपन रखें, ताकि हर लेनदेन का अपडेट मिलता रहे। आनलाइन ट्रांजैक्शन में रकम अदा करने के बाद सुबूत के तौर पर ट्रांजैक्शन की स्क्रीनशाट जरूर रख लें। हर एक या दो सप्ताह के बाद अपने शापिंग अकाउंट का पासवर्ड जरूर बदलते रहें। इस दौरान डा. पार्थ एस. पाली, डा. अनिल बराकी व पवन कुमार मौजूद रहे।

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