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    के. कविता की डिफॉल्ट जमानत पर अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब, BRS नेता ने इस आधार पर मांगी बेल

    Updated: Mon, 08 Jul 2024 07:23 PM (IST)

    के. कविता ने कहा कि जांच एजेंसी ने 60 दिनों की निर्धारित समय सीमा के अंदर अधूरा आरोपपत्र दायर किया है इसलिए उन्हें डिफाल्ट जमानत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि तीसरा पूरक आरोपपत्र उनकी डिफॉल्ट जमानत पर रिहाई को रोकने बाधित करने और साथ ही सीआरपीसी की धारा 309(2) के अधिदेश का उल्लंघन करने के उद्देश्य से दायर किया गया है।

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    के. कविता की डिफॉल्ट जमानत पर अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आबकारी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बीआरएस नेता के. कविता ने राउज एवेन्यू कोर्ट में डिफॉल्ट जमानत याचिका दायर की है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है।

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    कविता ने याचिका में कहा कि जांच एजेंसी ने 60 दिनों की निर्धारित समय सीमा के अंदर अधूरा आरोपपत्र दायर किया है, इसलिए उन्हें डिफॉल्ट जमानत दी जानी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि तीसरा पूरक आरोपपत्र उनकी डिफाल्ट जमानत पर रिहाई को रोकने, बाधित करने और साथ ही सीआरपीसी की धारा 309(2) के अधिदेश का उल्लंघन करने के एकमात्र उद्देश्य से दायर किया गया है। मामले में अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

    आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के मामले पर फैसला सुरक्षित

    वहीं, अदालत ने मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर तीसरे आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बिंदु पर भी आदेश सुरक्षित रखा। अदालत मामले में 15 जुलाई को आदेश सुनाएगी। पिछले माह सीबीआई ने कविता के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि आबकारी घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में उन पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

    तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को अप्रैल में तिहाड़ जेल से सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। जहां वह इसी से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद बंद थी।

    ये भी पढ़ें- BRS नेता के. कविता के खिलाफ CBI द्वारा दायर आरोप पत्र के संज्ञान पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा