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    Medicine Shortage: दिल्ली के बड़े अस्पताल का हाल, दवा के लिए दर-दर भटक रहे लोग

    By Prateek KumarEdited By:
    Updated: Sat, 23 Jul 2022 04:28 PM (IST)

    Medicine Shortage ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए आने वाले मरीजों को दवा काउंटर पर जरूरी दवाएं नहीं मिल रही है। ऐसे में मजबूरन मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इसका असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।

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    दवाइयों की किल्लत से मरीज परेशान। फाइल फोटो।

    नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। नजफगढ़ में खैरा डाबर स्थित चौ. ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक चरक संस्थान में बीते लंबे समय से दवाइयों की किल्लत बनी हुई है। इसके कारण मरीजों को खासी परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल के बाहर दवा दुकानदारों की चांदी हो रही है। ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श के लिए आने वाले मरीजों को दवा काउंटर पर जरूरी दवाएं नहीं मिल रही है। ऐसे में मजबूरन मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इसका असर उनकी जेब पर पड़ रहा है। न सिर्फ ओपीडी बल्कि वार्ड में भर्ती मरीजों को भी दवाओं के लिए अस्पताल के बाहर खुली निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है।

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    दिल्ली के साथ एनसीआर के मरीज भी आते हैं यहां

    बता दें, अस्पताल में इलाज के लिए दिल्ली व दिल्ली एनसीआर से मरीज आते हैं। इस लंबी दूरी के चलते चिकित्सक अधिकांश मरीजों को एक-एक माह की दवा देते थे, पर अब दवाओं की किल्लत के चलते ऐसे मरीज जो बाहर से दवा खरीद पाने में सक्षम नहीं है उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे है।

    नवंबर से ही जारी है सिलसिला

    सूत्रों की मानें तो पिछले वर्ष नवंबर माह से ही दवाओं की किल्लत का सिलसिला जारी है। अस्पताल को दवाओं का पर्याप्त स्टाक अभी तक नहीं मिला है। मौजूदा स्थिति की बात करें तो अस्पताल के स्टाक में केवल चार दवाएं ही उपलब्ध है।

    इलाज हो रहा प्रभावित

    आलम यह है कि ओपीडी में आने वाले अधिकांश मरीजाें को घुमा-फिराकर केवल वहीं दवाएं लिखी जा रही है जो स्टाक में उपलब्ध है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। ऐसा इसलिए ताकि दवाओं की किल्लत के मुद्दे पर मरीज आवाज न उठाएं। अस्पताल प्रशासन का कहना हैं कि आगामी एक माह के भीतर दवाओं की किल्लत की समस्या का अस्थायी समाधान हो जाएगा। दवाओं का आर्डर जारी कर दिया गया है। गवर्निंग बाडी के गठन के बाद इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।