नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कोरोना योद्धा स्वर्गीय डाॅ. अनस मुजाहिद के परिवार से आज मुलाकात कर एक करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। सीएम ने कहा कि डॉ. अनस जीटीबी अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट थे। मरीजों की सेवा करने के दौरान उन्हें भी कोरोना हो गया और 9 मई 2021 को उनका निधन हो गया। डाॅ. अनस जैसे कोरोना योद्धाओं की वजह से ही दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों को कोरोना से बचा पा रही है और कोरोना से संघर्ष कर पा रही है। उनके पिता डाॅ. मुजाहिदुल ने 10 दिन पहले ही अपना 26 वर्षीय बेटा खोया है, फिर भी वे चाहते हैं कि उनका पूरा परिवार देश के काम आए।

सीएम ने कहा कि डाॅ. अनस की तरह ही बहुत सारे कोरोना योद्धा हैं, जो फ्रंट पर आकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्हीं की वजह से आज हम लोग दिल्ली के लोगों को कोरोना से बचा पा रहे हैं और सरकार कोरोना से संघर्ष कर पा रही है। आगे कहा कि उनके पिता मुजाहिदुल इस्लाम भी डॉक्टर हैं। मैंने उन्हें एक करोड़ रुपए का चेक देते हुए कहा कि इसके अलावा भी अगर कभी जरूरत हो तो, आप हमें बताइएगा। इस पर उनका कहना था कि मुझे किसी चीज की जरूरत नहीं है। मैं चाहता हूं कि मैं और मेरा परिवार पूरी तरह से देश के काम आए। डाॅ. अनस की 26 साल उम्र थी और उनकी शादी भी नहीं हुई थी। डाॅ. मुजाहिदुल ने अपने 26 साल के बेटे को अभी 10 दिन पहले ही खोया है। इसके बावजूद किसी पिता की इस तरह की अच्छी सोच होना गर्व की बात है। मैने उनको भरोसा दिया है कि किसी भी तरह की जरूरत है, तो सरकार उनके साथ है। वे अपने आप को अकेला न समझें।

डॉ. अनस के पिता डॉ. मुजाहिदुल इस्लाम ने कहा कि मेरा बेटा लोगों की सेवा करते हुए चला गया। मैने अपने बच्चों को सिर्फ इसीलिए पढ़ाया-लिखाया, ताकि वे इस देश के काम आएं। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा अब हमारे बीच नहीं है। सीएम अरविंद केजरीवाल मेरे पास आए और उन्होंने मेरी जो मदद की है, इसकी मुझे बहुत खुशी है। मैं चाहता हूं कि सीएम इसी तरह से समाज के लिए, इस देश के लिए और दिल्ली के लिए काम करते रहें।

डाॅ. अनस मुजाहिद (26) पुराना मुस्तफाबाद के भागीरथी विहार में रह रहे थे। परिवार में पिता डाॅ. मुजाहिदुल इस्लाम (56) नसीमा मुजाहिद (50), भाई इमादुद्दीन मुजाहिद (28), माज मुजाहिद (23) व हासन (18) और बहन सिदरह मुजाहिद (21) हैं। डाॅ. अनस ने 2020 में जीटीबी अस्पताल से एमबीबीएस उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वह जीटीबी अस्पताल में ही जुनियर रेजिडेंट के पद नियुक्त हुए। अभी वह अविवाहित थे और एमडी का कोर्स करना चाह रहे थे। वह अपने छोटे भाई-बहनों का मार्ग दर्शन कर रहे थे और मरीजों की देखभाल कर रहे थे। उनकी मां किडनी की मरीज हैं। कोविड-19 की ड्यूटी करने के दौरान वह कोरोना संक्रमित हो गए थे। 8 मई 2021 को उनकी टेस्ट रिपोर्ट पाॅजिटिव आई थी और इलाज के दौरान 9 मई 2021 की सुबह ही उनका निधन हो गया।