Delhi High Court: बार-बार सुनवाई टालने की मांग करने पर केंद्र सरकार पर लगाया जुर्माना
दिल्ली हाईकोर्ट ने बौद्धिक संपदा अधिकार मामले की सुनवाई बार-बार टालने की मांग करने पर केंद्र सरकार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने इसे न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। जुर्माना सेना केंद्रीय कल्याण कोष में जमा करना होगा। अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले में केंद्र सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने मामले में केंद्र सरकार के अधिवक्ता द्वारा सुनवाई को बार-बार टालने की मांग करने को न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार को सेना केंद्रीय कल्याण कोष में 20 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश दिया। केंद्र के अधिवक्ता की ओर से मामले में अब तक तीन बार स्थगन मांगा जा चुका है।
हाई कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए नई तारीख देते हुए स्थगन दे दिया। कहा कि जुर्माना राशि चार सप्ताह में सेना केंद्रीय कल्याण कोष में जमा होनी चाहिए। अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।
पेटेंट और डिजाइन नियंत्रक के एक आदेश को दी गई है चुनौती
केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया कि मामले में लिखित दलीलें दायर की गई थीं, लेकिन संबंधित सरकारी प्राधिकरण से उन्हें कोई विशेष निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
ये मामला नीरज गुप्ता बनाम कंट्रोलर आफ पेटेंट्स एंड डिजाइंस से संबंधित है। याचिकाकर्ता नीरज गुप्ता ने अपील दायर कर पेटेंट और डिजाइन नियंत्रक के एक आदेश को चुनौती दी थी।
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