नई दिल्ली (जेएनएन)। मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सप्ताह ही दिल्ली सरकार के अफसरों को पीटने वाला बयान देने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक नरेश बाल्यान कानूनी शिकंजे में फंस गए हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने विधायक के भाषण रिकॉर्डिंग मंगवाई गई थी। पूरी रिकॉर्डिंग सुनने और फिर विशेषज्ञों की सलाह के बाद पुलिस ने AAP विधायक नरेश बाल्यान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यहां पर बता दें कि पिछले दिनों भीड़ को संबोधित करने के दौरान उन्होंने कहा था कि ऐसे अधिकारियों की पिटाई करनी चाहिए जो जानबूझकर आम आदमी के कार्यों से जुड़ी फाइलों को रोकते हैं और फाइल क्लियर करने में देरी करते हैं। बताया जा रहा है कि इस सभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। पुलिस की मानें तो नरेश बाल्यान के इस बयान के बाद सभा में मौजूद अन्य लोगों ने उनके हां में हां मिलाई और ऐसे अधिकारियों की पिटाई करने की बात भी कही।

बढ़ सकती हैं AAP विधायक की मुश्किलें

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसी बातें कहने पर कई धाराएं लगाई गई हैं। इसमें लोगों को अधिकारियों के खिलाफ भड़काने और लोगों के सामने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपनी आपराधिक मंशा जाहिर करना भी आता है।

पुलिस की मानें तो वह इस बारे में कानूनी राय ले रही थी। इसे अलावा, अब पुलिस इस मामले में मीडिया की भी मदद ले रही है, जिन्होंने विधायक बाल्यान द्वारा बिंदापुर इलाके में पब्लिक मीटिंग में कही गई बातों को रिकॉर्ड किया था। पुलिस सूत्रों का पहले ही कहना था कि इस मामले में विधायक बाल्यान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

बता दें कि अंशु प्रकाश से बदसुलूकी मामले में आम आदमी पार्टी विधायक नरेश बाल्यान बड़ा बयान दिया है। उत्तम नगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बाल्यान ने कहा था- जो दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ हुआ और जो इन्होंने झूठे आरोप लगाए हैं मैं तो कहता हूं कि ऐसे अधिकारियों को ठोकना चाहिए।' AAP विधायक ने यह भी कहा कि 'जो आम आदमी का काम रोककर बैठे हैं ऐसे अधिकारियों के साथ यही सलूक होना चाहिए।'

यहां पर बता दें कि मारपीट के मामले में अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार बड़ी मुश्किल में फंस गई है। मामले में बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब तीस हजारी कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपी विधायकों अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 

वहीं, दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट को लेकर पहली बार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली पुलिस शुक्रवार को मामले में सबूत जुटाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर पहुंची। इसी दौरान केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि उनके घर पर काफी पुलिस भेजी गई है, ये अच्छी बात है, लेकिन जज लोया की हत्या के मामले में अमित शाह से पूछताछ कब होगी। केजरीवाल ने लिखा 'दो थप्पड़ के आरोप की जांच के लिए मुख्यमंत्री के पूरे घर की तलाशी चल रही है। जज लोया की हत्या पर पूछताछ बनती है या नहीं।'

एलजी ने गृह मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य सचिव से मारपीट मामले पर एक रिपोर्ट उपराज्यपाल अनिल बैजल ने गृह मंत्रालय को सौंप दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल से एक रिपोर्ट मिली है। इस पर विचार चल रहा है। दिल्ली पुलिस इस मामले के आपराधिक पहलू को देख रही है, जबकि गृह मंत्रालय इस रिपोर्ट के प्रशासनिक मुद्दों को देख रहा है।

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Posted By: JP Yadav