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    AIIMS Delhi Cancer Treatment : एम्स के एनसीआइ में जल्द शुरू होगा कैंसर का इलाज

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Sat, 01 Aug 2020 10:49 AM (IST)

    एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. राजेश मल्होत्रा ने कहा कि मरीजों की संख्या और कम होने की उम्मीद है। इसलिए एनसीआइ से मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में स्थानांतरित करने पर विचार चल रहा है।

    AIIMS Delhi Cancer Treatment : एम्स के एनसीआइ में जल्द शुरू होगा कैंसर का इलाज

    नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। Delhi AIIMS: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के घटते संक्रमण के मद्देनजर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अब हरियाणा के झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआइ) से कोविड के इलाज की व्यवस्था बंद करने की तैयारी में है। इससे कैंसर पीडि़त हजारों मरीजों को भारी राहत मिलेगी। दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने पर एम्स ने एनसीआइ में कोरोना के इलाज के लिए व्यवस्था की है। फिलहाल एनसीआइ में कोरोना के इलाज के लिए 1250 की सुविधा है। एक समय अस्पताल में कोरोना के 700 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इस अस्पताल में अब तक कोरोना के 3400 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो चुका है।

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    बहरहाल, दिल्ली में कोरोना के मामलों में लगातार कमी आ रही है और अस्पतालों में मरीजों का दबाव कम हो गया है। एनसीआइ में अभी 100 मरीज भर्ती हैं। इस वजह से 1250 में से 1150 बेड खाली है। वहीं, एम्स ट्रॉमा सेंटर में 265 बेड की व्यवस्था है। इसमें अभी 132 मरीज भर्ती हैं। तरह अभी 133 बेड खाली है। इसके अलावा बर्न व प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में भी 100 बेड की व्यवस्था है। इस तरह से एम्स प्रशासन में कोरोना मरीजों के लिए पर्याप्त बेड मौजूद होने के चलते एनसीआइ में दोबारा कैंसर का इलाज शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

    एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. राजेश मल्होत्रा ने कहा कि मरीजों की संख्या और कम होने की उम्मीद है। इसलिए एनसीआइ से मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में स्थानांतरित करने पर विचार चल रहा है। ताकि एनसीआइ में कैंसर का इलाज जल्द शुरू हो सके। झज्जर स्थित एनसीआइ में कैंसर के इलाज के लिए 710 बेड की व्यवस्था है। इसमें कैंसर सर्जरी के लिए सात ऑपरेशन थियेटर व व दो रेडिएशन मशीनें लगाई गई हैं। जबकि, दिल्ली स्थित एम्स के कैंसर सेंटर की ओपीडी में जगह की भी कमी है। इस वजह से कैंसर सेंटर की ओपीडी में इलाज के दौरान शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना भी मरीजों के लिए आसान नहीं है। इस वजह से एनसीआइ में कैंसर का इलाज दोबारा शुरू करने की जरूरत महसूस की जा रही है। क्योंकि वहां कैंसर मरीजों के हिसाब से सुविधाएं पर्याप्त हैं।