नई दिल्‍ली, जेएनएन। पश्चिमी दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा है कि सरकारी जमीन पर बनी हुई मस्जिद का टूटना तय है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्‍होंने यह बात कही। दिल्‍ली में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब उन्‍होंने सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने की बात कही है। इससे पहले भी वह इस तरह का बयान दे चुके हैं।

गरीबों को सिर्फ एक रुपये प्रति माह में बिजली और पानी

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान प्रवेश वर्मा ने कहा कि अगर दिल्‍ली में भाजपा सत्‍ता में आती है, तो गरीबों को सिर्फ एक रुपये प्रति माह में बिजली और पानी दिया जाएगा। साथ ही उन्‍होंने कहा, '200 यूनिट प्रति माह की बाध्यता नहीं रहेगी, जरूरत के अनुसार बिजली मिलेगी। अमीरों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।' बता दें कि दिल्‍ली में 8 फरवरी को 70 विधानसभा सीटों चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव के परिणाम 11 फरवरी को आएंगे। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी मतदाताओं को लुभाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं। यह देखने दिलचस्‍प होगा कि क्‍या दिल्‍ली में फिर आप बाजी मारती है, या फिर भाजपा और कांग्रेस में से किसी एक को जनादेश मिलता है।

तब उपराज्यपाल को लिखा था पत्र

गौरतलब है कि बीते साल 18 जून को प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के उपराज्यपाल को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्‍होंने आरोप लगाया था कि देश की राजधानी में कई मस्जिदों का निर्माण सरकारी जमीन पर अवैध रूप से किया गया है। भाजपा सांसद ने मांग की थी कि ऐसी मस्जिदों को सरकारी जमीन से हटाया जाए। हालांकि, दिल्ली माइनॉरिटी कमिशन (डीएमसी) ने दावा किया था कि प्रवेश वर्मा के आरोप में कोई सच्‍चाई नहीं है।

Edited By: Tilak Raj