नई दिल्ली, जेएनएन। Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव- 2019 के तहत दिल्ली में 12 मई को होने वाले मतदान के मद्देनजर भाजपा ने दिल्ली की चार लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। रविवार शाम को जारी भाजपा की ताजा सूची के मुताबिक, उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी, दक्षिणी दिल्ली से रमेश बिधूड़ी, पश्चिमी दिल्ली से प्रवेश वर्मा और चांदनी चौक सीट पर हर्षवर्धन को उम्मीदवार बनाया गया है। इन चारों सीटों पर भाजपा ने अपने मौजूदा सांसदों पर भरोसा जताया है, जबकि बाकी बची तीन सीटों पर अभी सस्पेंस, जिस पर जल्द खुलासा होगा।

भाजपा ने रणनीति के तहत पूर्वी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली और नई दिल्ली सीट पर अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन तीनों सीटों पर मौजूदा सांसदों का टिकट कट सकता है। इनमें नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, उत्तर पश्चिमी दिल्ली से उदित राज तो पूर्वी दिल्ली से महेश गिरी वर्तमान सांसद हैं।

कयास लगाया जा रहा है कि नई दिल्ली लोकसभा सीट से मीनाक्षी लेखी, क्रिकेटर गौतम गंभीर और सतीश उपाध्याय में से किसी एक को उम्मीदवार बना सकती है। वहीं, इसके अलावा उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से उदित राज, अशोक प्रधान और अनीता आर्या में से किसी एक को मौका मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जिस तीसरी पूर्वी दिल्ली सीट पर भाजपा ने उम्मीदवार के नाम का एलान नहीं किया है, वहां पर फिलहाल महेश गिरी सांसद है, उनका टिकट कट सकता है। 

गौर करने वाली बात यह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने भारी मतों से जीत हासिल की थी। तब चांदनी चौक से हर्षवर्धन, पूर्व दिल्ली से महेश गिरि, नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी, उत्तर पश्चिम दिल्ली से उदित राज, दक्षिण दिल्ली से रमेश बिधूड़ी और पश्चिम दिल्ली से प्रवेश वर्मा ने बंपर जीत दर्ज की थी। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार पूर्व की तरह मुकाबला आसान नहीं होगा, क्योंकि विधानसभा चुनाव में AAP ने कांग्रेस और भाजपा को बुरी तरह पराजित करते हुए क्रमशः शून्य व 3 सीटों पर समेटते हुए अपने मतों में जबरदस्त इजाफा किया है। 

आपको बता दें कि दिल्ली में लोकसभा की सात सीटें हैं, जिन पर 12 मई को छठे चरण में मतदान होंगे। इसके लिए 16 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया चल रही है, जो 23 अप्रैल को खत्म होगी। ऐसे में घोषित उम्मीदवारों के पास सिर्फ दो दिन (22 और 23 अप्रैल) बचा है।

...इसलिए भाजपा को हुई देरी

दरअसल, पिछले काफी समय से दिल्ली में AAP और कांग्रेस पार्टी में गठबंधन को लेकर खींचतान चल रही थी। कई बार ऐसे हालात बने कि लगा गठबंधन हो जाएगा फिर उस पर सस्पेंस हो जाता। आखिरकार अब जाकर तय हुआ है कि गठबंधन नहीं होगा। ऐसे में गठबंधन होने और न होने की स्थिति में भाजपा अपने उम्मीदवारों के चयन में और सावधानी बरततती। यही वजह है कि भाजपा अब जाकर रविवार शाम को नामांकन से दो दिन पहले सात में से तीन सीटों पर उम्मीदवारों को ऐलान कर पाई। 

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Posted By: JP Yadav