नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Ayush Sanjeevani App:  कोरोना वायरस से बचने का प्रमुख तरीका शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। सीमित संसाधनों के बावजूद कई तरह के घरेलू नुस्खे प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। आयुष मंत्रालय की ओर से विकसित आयुष संजीवनी ऐप में ऐसे कई घरेलू नुस्खों के बारे में बताया गया, जिनके इस्तेमाल से प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। मंत्रालय का लक्ष्य 50 लाख लोगों तक इस एप को पहुंचाना है। एप में महत्वपूर्ण जानकारियों के अलावा खानपान से जुड़े कुछ सवाल हैं, जिसके उत्तर आपको देने होंगे। आपके उत्तर से मिली जानकारियों के आधार पर मंत्रालय कोरोना संक्रमण से बचाव व खानपान के बीच संबंध स्थापित कर कोरोना से बचाव की दिशा में अनुसंधान को गति देगा।

इस दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए पंजाबी बाग पश्चिम स्थित केंद्रीय आयुर्वेदीय हृदय रोग अनुसंधान संस्थान ने कमर कस ली है। आयुष संजीवनी एप के बारे में संस्थान में इलाज के लिए आने वाले लोगों को जानकारी दी जा रही है। साथ ही विभिन्न आयुर्वेदिक महाविद्यालय के अध्यापकों एवं छात्रों को कान्फ्रेंसिंग के सहारे जागरूक किया जा रहा है।

संस्थान की निदेशक डॉ.भारती ने बताया कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत अधिक संसाधन की जरूरत नहीं होती है। कई बार रोजमर्रा के खानपान में थोड़ा सा सुधार करके भी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर गोल्डन मिल्क को ही लें।

सुनने में बेशक यह महंगा दूध प्रतीत हो रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि दूध में हल्दी मिलाकर आप गोल्डन मिल्क बना सकते हैं। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके अलावा गिलोय सहित कई अन्य जड़ी-बूटी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस एप पर इस तरह की तमाम जानकारियां उपलब्ध हैं। इस एप के माध्यम से स्वास्थ्य को बेहतर कैसे रख सकते हैं, इसको लेकर तमाम विशेषज्ञों के सुझाव उपलब्ध हैं।

कोरोना के इलाज में मिलेगी मदद

डॉ. भारती ने बताया कि इस एप में खानपान को लेकर चंद सवाल भी पूछे जाते हैं। मसलन, शाकाहार व मांसाहार के बारे में आपसे सवाल पूछे जाएंगे, जिसका सही उत्तर आपको देना है। यदि कोई कोरोना से संक्रमित रहा है तो उसे भी खानपान से जुड़ी तमाम जानकारियों का उत्तर देना होगा। उसे अपनी जीवनशैली के बारे में भी बताना होगा। इन तमाम जानकारियों को एकत्रित कर विशेषज्ञ खानपान व कोरोना सहित अन्य बीमारियों के बीच संबंध को स्थापित करने की कोशिश करेंगे। इन जानकारियों के आधार पर कोरोना के इलाज को लेकर चल रहे शोध में काफी मदद मिलेगी।

Posted By: JP Yadav

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