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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Arvind Kejriwal: केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से आखिर क्यों वापस ली ये याचिका? दिल्ली सीएम के वकील ने बताई असली वजह

Published: Wed, 26 Jun 2024 03:27 PM (IST)Updated: Wed, 26 Jun 2024 03:39 PM (IST)

सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज सुप्रीम कोर्ट से एक याचिका वापस ली। दरअसल ये वह याचिका है जिसमें दिल्ली हाई ...और पढ़ें

Kejriwal Case: अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से एक याचिका ली वापस। फाइल फोटो
Kejriwal Case: अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से एक याचिका ली वापस। फाइल फोटो

HighLights

  1. केजरीवाल के ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली एक याचिका।
  2. नई याचिका दायर करने की मिली आजादी।
  3. मंगलवार को हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा मिली जमानत पर लगाई रोक।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। (Arvind Kejriwal Hindi News) कथित दिल्ली शराब नीति (delhi excise policy) मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से एक याचिका वापस ले ली है। दिल्ली सीएम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि मंगलवार (25 जून) को दिल्ली उच्च न्यायालय ने ईडी के स्थगन आवेदन पर अंतिम आदेश देते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा केजरीवाल की जमानत आदेश पर रोक लगा दी।

नई याचिका दायर करने के मकसद से पुरानी याचिका ली वापस

इस मामले को देखते हुए सिंघवी ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के 25 जून और 21 जून के दोनों आदेशों को चुनौती देने वाली नई याचिका दायर करने के मकसद से इस पुरानी याचिका को वापस लिया जा रहा है।

न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और एसवीएन भट्टी की अवकाश पीठ ने केजरीवाल को नई याचिका दायर करने की छूट देते हुए वर्तमान याचिका को जो वापस ले लिया गया उसे खारिज कर दिया गया। सिंघवी ने अदालत को यह भी बताया कि मामले के सिलसिले में सीबीआई ने केजरीवाल को भी गिरफ्तार किया है।

केजरीवाल को दिल्ली उच्च न्यायालय से नहीं मिली कोई राहत

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 25 जून को शराब नीति मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाने की ईडी की याचिका पर फैसला सुनाया। केजरीवाल को दिल्ली उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने दिल्ली सीएम की जमानत पर रोक लगाते हुए कई गंभीर टिप्पणी की। जज ने कहा कि कि ट्रायल कोर्ट ने ईडी मामले और सामग्री की उचित सराहना नहीं की।