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    धनतेरस पर दिल्ली की सड़कों पर उतरीं पांच हजार नई कारें, आठ से 20 लाख रुपये के दायरे में हैं ये गाड़ियां

    Updated: Wed, 30 Oct 2024 08:18 AM (IST)

    धनतेरस 2024 पर दिल्ली की सड़कों पर लगभग 5000 नई कारें उतरीं जिसमें एसयूवी कारों की हिस्सेदारी लगभग 60% रही। लग्जरी सेगमेंट में भी 200 कारों की बिक्री हुई। बर्तन बाजार में भी चहल-पहल रही और अनुमान है कि करीब 300 करोड़ रुपये के बर्तन बिके। इस त्योहारी मौसम में दिल्ली में 1200 करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री का अनुमान है।

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    धनतेरस पर कनॉट प्लेस में स्थित शोरूम में कार देखते ग्राहक। फोटो- जागरण

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर धनतेरस पर तकरीबन पांच हजार नई कारें सड़कों पर उतरीं हैं। विशेषकर लोगों का रुझान एसयूवी कारों को लेकर अधिक रहा। कुल बिकी कारों में एसयूवी वर्ग की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक रही। ये गाड़ियां आठ से 20 लाख रुपये के दायरे में आती हैं।

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    वहीं बीएमडब्ल्यू, ऑडी व मर्सडीज, राल्स रायस, बेंटले समेत लग्जरी सेगमेंट में भी 200 कारों की बिक्री हुई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फेडा) के दिल्ली अध्यक्ष अजय अग्रवाल के अनुसार यह माह पिछले साल और पिछले माह के मुकाबले काफी अच्छी रहा है।

    किफायती परिचालन पर जोर दे रहे लोग

    इस त्योहारी मौसम में 20 हजार से अधिक कारों की बिक्री की उम्मीद है, जबकि अकेले धनतेरस पर पांच हजार से अधिक कारों की बिक्री का अनुमान है। उसमें भी महंगी कारों पर दांव लगाने के साथ दिल्ली वाले उसके किफायती परिचालन पर जोर दे रहे हैं। यह इसलिए क्योंकि बिक रही हर चौथी कार सीएनजी आधारित है। इलेक्ट्रिक वर्ग की कारों ने निराश किया है।

    इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर नहीं मिल रही सब्सिडी

    कार डीलर शंकर लाल अग्रवाल के अनुसार ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली में इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर सरकार की ओर से कोई सब्सिडी नहीं दी जा रही है, दिल्ली में बीएमडब्ल्यू की बिक्री सहयोगी कंपनी सिल्वर एरो के बिक्री प्रमुख संजय डडवाल के अनुसार, दिल्ली में 200 के करीब कारों की बिक्री का अनुमान है।

    बर्तन बाजार में उमड़े खरीदार, 300 करोड़ रुपये के बिके बर्तन

    धनतेरस पर बर्तनों की खरीद को शुभ माना जाता है। ऐसे में बर्तनों के थोक बाजार डिप्टीगंज से लेकर चांदनी चौक, करोलबाग, पटेल नगर, पहाड़गंज समेत सभी छोटे-बड़े बाजारों में बर्तनों की दुकानों पर देर रात तक खरीदारों का तांता लगा रहा। कालोनियों में भी लोगों ने बर्तन सजा रखे थे, जहां लोगों ने जरूरत के अनुसार बर्तनों की खरीदारी की।

    1,200 करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री का अनुमान

    एक अनुमान के अनुसार, मंगलवार को करीब 300 करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री हुई। बर्तन के व्यापारियों के अनुसार, इस वर्ष उनका कारोबार अच्छा रहा है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष मांग में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वैसे, इस त्योहारी मौसम में नवरात्र से अब तक दिल्ली में 1,200 करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री का अनुमान लगाया जा रहा है।

    डिप्टीगंज स्टेनलेस स्टील यूटेंसिल ट्रेडर्स एसोसिएशन (डीएसएसयूटीए) के अध्यक्ष सुधीर जैन के अनुसार, इस बार बर्तनों की मांग बेहतर रही है। इसलिए कारोबारी उत्साहित है। उनके अनुसार, लोगों ने दीपावली में उपहार देने के साथ ही खुद के इस्तेमाल के बर्तनों की खरीदारी की है।

    पहाड़गंज के बर्तन विक्रेता आलोक कुमार ने बताया कि लोगों ने थाल कटोरी, प्लेट, चम्मच व गिलास सेट के साथ कुकर, कढाई, बड़े चम्मच, भगौना, मसाला सेट समेत अन्य की खरीदारी की। इस वर्ष बेहतर मांग को लेकर दुकानदारों ने पहले से तैयारी कर ली थी। इसी तरह लोगों ने क्रोकरी में बोन चाइना और सेरामिक के बर्तनों की खरीदारी की।