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    भारत-पाक तनाव के बीच दिल्ली में 110 जगहों पर लगाए जाएंगे जंगी सायरन, 10 KM तक सुनाई देगी आवाज

    Updated: Sat, 10 May 2025 02:35 PM (IST)

    भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए दिल्ली में 110 स्थानों पर जंगी सायरन लगाए जाएंगे। प्रत्येक जिले में 10 ऊंचे स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां ये सायरन पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाए जाएंगे। इनकी आवाज 10 किलोमीटर तक सुनाई देगी जिससे हवाई हमले की आशंका पर लोगों को सचेत किया जा सकेगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट किया जाएगा। प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाकर कर्मचारियों की नियुक्ति की है।

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    नंद नगरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर लगा सायरन : जागरण।

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी के बीच दिल्ली में 110 स्थानों पर जंगी सायरन लगाए जाएंगे। राजधानी में 11 जिले हैं। प्रत्येक जिले में 10-10 ऊंचाई वाले स्थान सायरन लगाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। उन स्थानों पर पीडब्ल्यूडी इन्हें लगाएगा।

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    इनकी आवाज 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई देगी। हवाई हमले की आशंका पर इन सायरन को बजाकर लोगों को सचेत किया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट किया जाएगा।

    सात मई के अंक में दैनिक जागरण ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी कि वर्ष 1971 में पाकिस्तान से हुई जंग के 54 वर्ष बाद इस व्यवस्था को करने के लिए कदम उठाया गया है।

    मॉकड्रिल से पहले बजाए जाएं जंगी सायरन 

    हवाई हमले को देखते हुए गृह मंत्रालय के आदेश पर दिल्ली के हर जिले में पांंच-पांच स्थानों पर माकड्रिल हुई। आदेश दिए गए मॉकड्रिल से पहले जंगी सायरन बजाए जाएं। मॉकड्रिल में हाथ वाले सायरन बजाए गए थे, जिसकी आवाज सौ मीटर तक दूर भी नहीं जा सकी थी।

    जहां सायरन नहीं थे, वहां एसडीएम की कार का हूटर ही बजा दिया गया था। आठ मई के अंक में फिर से सवाल उठाए गए थे कि यह कैसी तैयारी है, जिसमें तेज आवाज वाले सायरन तक की व्यवस्था तक नहीं की गई। सूत्रों ने बताया कि सरकार काे प्रशासन ने हर एक जिले से दस-दस स्थानों की सूची दी है।

    प्रशासन ने अपने फंड से भी लगाए पांच सायरन

    पूर्वी जिला प्रशासन ने वीथ्रीएस मॉल, न्यू अशोक नगर मेट्रो, पटपड़गंज मैक्स अस्पताल, अक्षरधाम मंदिर, जगतपुरी थाना, नंद नगरी जिलाधिकारी कार्यालय समेत उन स्थानों की सूची दी जिनकी ऊंचाई अधिक है। प्रशासन के कार्यालयों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, इसमें प्रशासन ने कर्मचारियों की नियुक्ति की है।

    कंट्रोल रूम में उन सभी स्थानों की सूची है जहां यह सायरन लग रहे हैं, वहां के केयरटेकर के नंबर भी ले लिए गए हैं। सेना की ओर से हवाई हमले का इनपुट मिलते ही यह सायरन बजाकर ब्लैकआउट किया जाएगा। उत्तर पूर्वी जिले में प्रशासन ने अपने फंड से भी पांच सायरन लगाए गए हैं।

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