Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कश्मीरी गेट से धीरपुर के नए परिसर में शिफ्ट होगा अंबेडकर विश्वविद्यालय, 1300 करोड़ रुपये की लागत से होगा तैयार

    Updated: Mon, 12 May 2025 07:06 PM (IST)

    डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली का मुख्य परिसर अब कश्मीरी गेट से धीरपुर में स्थानांतरित होगा। दिल्ली सरकार ने विश्वविद्यालय को 49.5 एकड़ भूमि आवंटित की है। 1300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जिससे शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इससे छात्रों को सीधा लाभ होगा और नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकेंगे।

    Hero Image
    कश्मीरी गेट से धीरपुर के नए परिसर में शिफ्ट होगा अंबेडकर विश्वविद्यालय।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) का मुख्य परिसर अब कश्मीरी गेट से स्थानांतरित होकर उत्तरी दिल्ली के धीरपुर इलाके में बनेगा। यह परिसर न केवल आकार में बड़ा होगा, बल्कि आधुनिकता और सुविधाओं की दृष्टि से भी एक मिसाल बनेगा। शिक्षा के स्तर को ऊंचाई देने वाली इस परियोजना की लागत लगभग 1300 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली सरकार पहले ही धीरपुर में विश्वविद्यालय को 49.5 एकड़ भूमि आवंटित कर चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल ही में इस प्रस्ताव पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन सरकार को दिया गया है। कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर ने बताया कि इस प्रेजेंटेशन को सरकार से सकारात्मक संकेत मिले हैं और अब अगले चरण की प्रस्तुति की तैयारी की जा रही है। जैसे ही शुरुआती फंड जारी होंगे, निर्माण कार्य को फौरन आरंभ कर दिया जाएगा।

    अंबेडकर विश्वविद्यालय का स्थायी भवन कश्मीरी गेट पर नहीं

    गौरतलब है कि इस समय अंबेडकर विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर कश्मीरी गेट पर स्थित है, लेकिन यह विश्वविद्यालय का स्थायी भवन नहीं है। जगह की कमी के कारण यहां नए कोर्स शुरू करना भी मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि अब विश्वविद्यालय को अपने स्थायी और विशाल धीरपुर परिसर की ओर कदम बढ़ाना पड़ा है।

    नया परिसर आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, हरित परिसर, व छात्रावास की समुचित व्यवस्था होगी। विश्वविद्यालय की योजना है कि इस कैंपस को अगले एक से दो वर्षों के भीतर तैयार कर लिया जाए।

    रोहिणी कैंपस का प्रस्ताव भी पाइपलाइन में

    विश्वविद्यालय प्रशासन का विज़न यहीं तक सीमित नहीं है। धीरपुर के साथ-साथ रोहिणी में भी एक नया परिसर प्रस्तावित है। हालांकि, सरकार की ओर से फिलहाल प्राथमिकता धीरपुर कैंपस को दी गई है। प्रो. लाठर के अनुसार, रोहिणी के प्रस्ताव की समीक्षा सरकार कर रही है और जैसे ही धीरपुर परियोजना में प्रगति होगी, उस दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। 20 एकड़ भूमि पर करीब 700 करोड़ की लागत से इसे तैयार किया जाएगा।

    छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ, पाठ्यक्रमों का होगा विस्तार

    फिलहाल अंबेडकर विश्वविद्यालय कर्मपुरा, कश्मीरी गेट, लोधी रोड और कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया जैसे क्षेत्रों में विभिन्न स्कूल (विभाग) संचालित कर रहा है। वर्तमान में यहां 20 स्नातक, 28 परास्नातक व 22 पीएचडी प्रोग्राम चल रहे हैं। कुल 2614 सीटों में 1123 स्नातक व 1491 परास्नातक की हैं। जगह की कमी के चलते इन पाठ्यक्रमों में विस्तार कठिन हो गया है, लेकिन धीरपुर परिसर के बन जाने से न केवल छात्रों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि नए-नए कोर्स और रिसर्च सेंटर शुरू करने का रास्ता भी खुलेगा।

    यह भी पढ़ें- Delhi News: भारत में घुसपैठ के बाद बवाना में पांच वर्ष से रह रहा था बांग्लादेशी परिवार, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा